उत्तराखण्डः देवभूमि में पहली बार शुरू हुई शीतकालीन चारधाम यात्रा! स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने किया शुभारंभ, मां गंगा का हुआ पूजन
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में पहली बार शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू हो गयी है। आज बुधवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चंडीघाट पर मां गंगा की पूजा करके यात्रा की शुरुआत की है। उनका मानना है कि भगवान तो 12 महीने रहते हैं, लेकिन उनकी पूजा 6 महीने की जाए और 6 महीने छोड़ दिया जाए यह उचित नहीं है। इसलिए जो यात्रा सदा होती रहती है, वह होती रहनी चाहिए। इसी संदेश देने के लिए वे चारधाम की शीतकालीन यात्रा कर रहे हैं। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप वर्ष भर में ग्रीष्मकाल या शीतकाल कभी भी चारधाम यात्रा पर आएं। उत्तराखंड के चारों धाम आपको आशीर्वाद देने के लिए विद्यमान हैं। बताते चलें कि अभी तक नवंबर के बाद चारधाम के कपाट 6 महीने के लिए शीतकाल में बंद हो जाते हैं। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सरस्वती का कहना है कि भगवती गंगा हम सब की मनोकामना को पूरी करेंगी। आज हमने हरिद्वार के चंडीघाट पर गंगा जी की पूजा की है। मां गंगा से प्रार्थना की है कि जो यह शीतकालीन चारधाम यात्रा हम लोग प्रारंभ कर रहे हैं, इसको सफल बनाएं। लोगों को प्रेरणा प्रदान करें और ऐसी कृपा करें कि लोग आएं तो उनको आध्यात्मिक उपलब्धियां मिलें, पुण्य की प्राप्ति हो और आनंद मिले।