• Home
  • News
  • UttarakhandHC: In the Haldwani railway encroachment case, the affected people should present their side with all the papers.

उत्तराखंडHC:हल्द्वानी रेलवे अतिक्रमण मामले में प्रभावित लोग अपना पक्ष समस्त कागज़ों के साथ करें पेश

editor
  • Kanchan Verma
  • May 18, 2022 11:05 AM
UttarakhandHC: In the Haldwani railway encroachment case, the affected people should present their side with all the papers.

उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे की 29 एकड़ भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ समाजिक कार्यकर्ता हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी की तरफ से दायर जनहित याचिका  पर हस्तक्षेप आवेदन पर सुनवाई की । मामले को सुनने के बाद न्यायमुर्ति शरद कुमार शर्मा व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने कहा कि जो लोग इससे प्रभावित हैं वे दो सप्ताह के भीतर अपना पक्ष समस्त पेपरों के साथ कोर्ट में पेश कर सकते है।

इस सम्बंध में कोर्ट ने हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को  आदेश दिए है कि वे दो प्रचलित समाचार पत्रों में एक पब्लिक नोटिस शीघ्र प्रकाशित करें। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।   
  मामले के अनुसार  9 नवम्बर 2016 को हाईकोर्ट ने रविशंकर जोशी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते  हुए 10 हफ्तों के भीतर रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि जितने भी अतिक्रमणकारी है उनको रेलवे पीपीएक्ट के तहत नोटिस देकर जनसुनवाईयाँ करें।

आज रेलवे की तरफ से कहा गया कि हल्द्वानी में रेलवे की 29 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण किया गया है जिनमे करीब 4365 लोग मौजूद है। हाई कोर्ट के आदेश पर इन लोगो को पीपीएक्ट में नोटिस दिया गया जिनकी रेलवे ने पूरी सुनवाई कर ली है। किसी भी व्यक्ति के पास जमीन के वैध कागजात नही पाए गए। इनको हटाने के लिए रेलवे ने जिला अधिकारी नैनीताल से दो बार सुरक्षा दिलाए जाने हेतु पत्र दिया गया,जिसपर आज की तिथि तक कोई प्रतिउत्तर नही दिया गया। जबकि दिसम्बर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यो को दिशा निर्देश दिए थे, कि अगर रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है तो  पटरी के आसपास रहने वाले लोगो को दो सप्ताह और उसके बाहर रहने वाले लोगो को 6 सप्ताह के  भीतर नोटिस देकर हटाएं ताकि रेवले का विस्तार हो सके। इन लोगो को राज्य में कहीं भी बसाने की जिमेदारी जिला प्रशासन व राज्य सरकारों की होगी।  अगर इनके सभी पेपर वैध पाए जाते है तो राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इनको आवास मुहैया कराएं।


संबंधित आलेख: