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वसंतोत्सव 2026: 27 फरवरी से लोक भवन में खिलेगा ‘फ्लोरल हीलिंग’ का रंग, 165 पुरस्कारों के साथ पुष्प पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

editor
  • Tapas Vishwas
  • February 20, 2026 09:02 AM
Vasantotsav 2026: From February 27, the colors of 'Floral Healing' will bloom in Lok Bhavan, flower tourism will get a boost with 165 awards.

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित राजभवन परिसर के लोक भवन में 27 फरवरी से एक मार्च 2026 तक वसंतोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष उत्सव की थीम ‘फ्लोरल हीलिंग’ रखी गई है, जो फूलों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। शुक्रवार को वसंतोत्सव की तैयारियों की जानकारी देते हुए राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि वसंतोत्सव अब केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देहरादून की सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहचान बन चुका है। यह आयोजन उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पुष्प कृषि को सशक्त मंच प्रदान करता है तथा पुष्प पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी नई दिशा देता है। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को सुबह 11 बजे उद्घाटन के पश्चात पहले दिन दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक प्रदर्शनी आमजन के लिए खुली रहेगी। 28 फरवरी और एक मार्च को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक प्रवेश निशुल्क रहेगा। राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव स्वस्थ जीवन और सामाजिक समरसता का उत्सव है। फूल श्रद्धा, पवित्रता और समर्पण के प्रतीक हैं तथा वे केवल बाहरी रंगों का नहीं, बल्कि आंतरिक चेतना की जागरूकता का भी संदेश देते हैं।

इस बार वसंतोत्सव में 15 मुख्य प्रतियोगिताएं और 55 उपश्रेणियां होंगी, जिनमें कुल 165 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। कट फ्लावर, पॉटेड प्लांट, हैंगिंग पॉट्स जैसी आकर्षक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष पेंटिंग प्रतियोगिता भी रखी गई है, जिससे उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिल सके। विशेष आकर्षण के रूप में इस वर्ष पहली बार हाइड्रोपोनिक तकनीक पर आधारित प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जो आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देगी। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय और आईटीडीए द्वारा आगंतुकों की संख्या के साथ-साथ उनकी ‘इमोशनल मैपिंग’ भी की जाएगी। इसके लिए एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया गया है, जिससे आयोजन के प्रभाव का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत एनआईईपीवीडी के छात्र पहली बार ‘रिदमिक योगा’ का सजीव प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा फूड कोर्ट में विभिन्न प्रकार के मिलेट्स से बने व्यंजन उपलब्ध रहेंगे, जो मोटे अनाज को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डाक टिकट प्रदर्शनी और आर्ट गैलरी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उत्सव के दौरान तीन उत्कृष्ट कृषकों और तीन उत्कृष्ट महिला कृषकों को ‘गवर्नर अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। चयन के लिए एक पृथक समिति गठित की गई है। वसंतोत्सव 2026 न केवल फूलों की रंगीन छटा से सराबोर होगा, बल्कि यह उत्तराखंड की कृषि, संस्कृति और नवाचार की नई संभावनाओं को भी उजागर करेगा।


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