• Home
  • News
  • Prime Minister Modi visits Somnath; participates in the Shaurya Yatra, says, "Civilizations that seek to grow by destroying others, perish themselves."

प्रधानमंत्री मोदी का सोमनाथ दौरा! शौर्य यात्रा में हुए शामिल, बोले- जो सभ्यताएं दूसरों को मिटाकर बढ़ना चाहती हैं, वे खुद मिट जाती हैं

  • Awaaz Desk
  • January 11, 2026 12:01 PM
 Prime Minister Modi visits Somnath; participates in the Shaurya Yatra, says, "Civilizations that seek to grow by destroying others, perish themselves."

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रविवार को सोमनाथ मंदिर पहुंचे और शौर्य यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है। आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ। 
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के तहत ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 2026 में यह मेरा गुजरात का पहला दौरा है। मेरी यात्रा की शुरुआत सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात में विकास के साथ विरासत का मंत्र हर जगह गूंज रहा है। यह केवल एक समिट नहीं है, बल्कि 21वीं सदी में विकास की उस यात्रा को दिखाता है जो कभी एक सपने के रूप में शुरू हुई थी और आज देश और दुनिया के भरोसे में बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10 आयोजन हो चुके हैं। शुरुआती दौर में इसका उद्देश्य दुनिया को गुजरात की क्षमता दिखाना था, ताकि लोग यहां निवेश करें। आज वाइब्रेंट गुजरात समिट ग्लोबल ग्रोथ और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का एक मजबूत मंच बन चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 20 वर्षों में वाइब्रेंट गुजरात समिट ने हर बार कुछ नया किया है। अब क्षेत्रीय वाइब्रेंट गुजरात समिट एक नया प्रयोग है, जिसका मकसद क्षेत्रीय विकास को और तेज करना है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। जो आर्थिक आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे साफ दिखाते हैं कि दुनिया की उम्मीदें भारत से लगातार बढ़ रही हैं।

 


संबंधित आलेख: