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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में गणित के पेपर पर गहराया विवाद: आउट ऑफ सिलेबस सवालों और त्रुटियों को लेकर शिक्षकों ने की बोनस अंकों की मांग

  • Tapas Vishwas
  • March 02, 2026 11:03 AM
Uttarakhand Board exam maths paper controversy deepens: Teachers demand bonus marks for out-of-syllabus questions and errors

रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के बीच गणित के प्रश्न पत्र को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि गणित की परीक्षा में कई सवाल न केवल पाठ्यक्रम (सिलेबस) से बाहर के थे, बल्कि प्रश्न पत्र में गंभीर प्रिंटिंग त्रुटियां भी पाई गई हैं। इस संबंध में शिक्षक संघ ने परिषद के सचिव को ज्ञापन सौंपकर छात्रों के हित में बोनस अंक देने की जोरदार मांग की है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल के नेतृत्व में बोर्ड सचिव वीपी सिमल्टी से मिले प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हाईस्कूल गणित (संकेतांक 231-HRG) के प्रश्न संख्या 22 में समतल आकृतियों के संयोजन के क्षेत्रफल से संबंधित सवाल पूछा गया था। शिक्षकों का दावा है कि यह सवाल प्रश्नावली 12.3 पर आधारित है, जिसे परिषद ने सत्र 2023-24 के संशोधित पाठ्यक्रम से पूरी तरह हटा दिया था। इस आउट ऑफ सिलेबस सवाल के कारण परीक्षा हॉल में छात्र असमंजस की स्थिति में रहे और उनका कीमती समय बर्बाद हुआ।

 विवाद केवल हाईस्कूल तक सीमित नहीं है। इंटरमीडिएट गणित के प्रश्न पत्र (संकेतांक 428-IRS) में भी तकनीकी गलतियां गिनाई गई हैं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, प्रश्न संख्या 1 (ञ) में दिए गए चार विकल्पों में से कोई भी सही नहीं था। नियमानुसार इसका उत्तर 'A गलत और R सही' होना चाहिए था, जो विकल्प में मौजूद ही नहीं था। इसके अतिरिक्त, प्रश्न संख्या 14 में 'मैट्रिक्स' (आव्यूह) के चित्रण में प्रिंटिंग की गलती बताई गई है। शिक्षकों का कहना है कि यदि 'C' को 3×3 का आव्यूह दर्शाया गया होता, तभी प्रश्न तार्किक रूप से हल हो पाता। शिक्षकों की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड बोर्ड के सचिव वीपी सिमल्टी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इन शिकायतों की विषय विशेषज्ञों से बारीकी से जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। यदि विशेषज्ञों की रिपोर्ट में त्रुटि की पुष्टि होती है, तो छात्र हित में नियमानुसार बोनस अंक या अंक निर्धारण पर उचित निर्णय लिया जाएगा। शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि गलत सवालों के कारण मेधावी छात्रों के प्रतिशत पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। वार्ता के दौरान नवेंदु मठपाल, अजय धस्माना, नवीन तिवारी, बालकृष्ण चंद और देवेंद्र सिंह भाकुनी जैसे दिग्गज शिक्षक नेता मौजूद रहे। अब हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों की निगाहें बोर्ड के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि क्या उन्हें इन विवादित सवालों के बदले मुफ्त अंक मिलेंगे या नहीं।


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