उत्तराखंड के राज्यपाल के हेलीकॉप्टर की श्रीनगर में इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी के बाद टला बड़ा हादसा
श्रीनगर (गढ़वाल): उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के हेलीकॉप्टर में रविवार को उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के चलते हेलीकॉप्टर की पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर स्थित जीवीके (GVK) हेलीपैड पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। राहत की बात यह है कि राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस घटना में किसी भी प्रकार की अनहोनी टल गई है। जानकारी के अनुसार, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) नई टिहरी में आयोजित 'हिमालयन ओटू (O2) महोत्सव' (टिहरी लेक फेस्टिवल) के कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) के लिए रवाना हुए थे। कल, 9 मार्च से गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होना है, जिसमें राज्यपाल का अभिभाषण प्रस्तावित है। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही पायलट को हेलीकॉप्टर के सिस्टम में कुछ तकनीकी गड़बड़ी का आभास हुआ। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पायलट ने तत्काल निकटतम सुरक्षित स्थान पर उतरने का फैसला लिया और श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। दोपहर के समय हेलीकॉप्टर को सुरक्षित लैंड कराया गया। अचानक हुई इस इमरजेंसी लैंडिंग के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए राज्यपाल को तत्काल हेलीपैड से सुरक्षित निकालकर श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया। श्रीनगर कोतवाल कुलदीप सिंह ने पुष्टि की है कि तकनीकी खामी के कारण यह लैंडिंग हुई है और वर्तमान में राज्यपाल पुलिस गेस्ट हाउस में विश्राम कर रहे हैं।
तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम हेलीकॉप्टर की सघन जांच में जुट गई है ताकि खराबी के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। राज्यपाल के आगे के सफर को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है; तकनीकी जांच और सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद ही अगली उड़ान पर निर्णय लिया जाएगा। इस घटना से कुछ घंटे पहले राज्यपाल नई टिहरी में आयोजित चार दिवसीय 'हिमालयन ओटू महोत्सव' के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। वहाँ उन्होंने साहसिक खेलों और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया था। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने पहाड़ की नारी शक्ति के दृढ़ संकल्प की जमकर सराहना की। राज्यपाल ने चार विशेष संस्मरणों के माध्यम से महिला शक्ति का बखान करते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटियों के लक्ष्य बहुत ऊंचे हैं और वे बेहद मजबूत इच्छाशक्ति वाली हैं। उन्होंने महोत्सव में आयोजित पेंटिंग, मास्टर शेफ, ग्रुप फैशन शो और 'मिस्टर एवं मिसेज टिहरी' जैसी प्रतियोगिताओं के विजेताओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान जिला प्रशासन ने उन्हें स्मृति चिह्न के रूप में पारंपरिक पहाड़ी वाद्य यंत्र 'रणसिंघा' भेंट किया था। राज्यपाल का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें सोमवार, 9 मार्च को गैरसैंण में बजट सत्र की शुरुआत करनी है। भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही सदन की कार्यवाही शुरू होगी। फिलहाल, प्रशासन वैकल्पिक इंतजामों और तकनीकी सुधार पर नजर बनाए हुए है ताकि राज्यपाल समय पर गैरसैंण पहुँच सकें। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि पायलट की सतर्कता की वजह से एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। फिलहाल श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और गेस्ट हाउस के बाहर पुलिस बल तैनात है।