उत्तराखंड के चमोली में दिल दहला देने वाला मामला! जंगल क्षेत्र में पड़ा मिला नवजात का शव, 72 घंटे तक चलेगी शिनाख्त प्रक्रिया
चमोली। उत्तराखण्ड के चमोली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां खैनुरी गांव के समीप बराली नामक स्थान के जंगल क्षेत्र में एक नवजात शिशु का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मामले की सूचना बाल कल्याण समिति गोपेश्वर द्वारा कोतवाली चमोली को दी गई। सूचन पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इधर मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार द्वारा संज्ञान लेते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम व एसओजी की टीमों को मौके पर भेजा गया। पुलिस द्वारा बताया गया कि फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन की कार्रवाई कर ली गयी है। बताया कि इस दौरान मौके पर जानकारी जुटायी गई तो ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने बताया कि घास काटने व पशु चराने के दौरान जंगल में गए स्थानीय लोगों को नवजात शिशु का शव दिखाई दिया था। पुलिस टीम द्वारा मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का प्राथमिक निरीक्षण किया गया, जिसमें प्रथमदृष्टया नवजात शिशु के शव के कुछ भाग को किसी जंगली जानवर द्वारा खाया प्रतीत हो रहा है। शरीर में जगह-जगह खरोंच के निशान पाए गए हैं। मौके पर उपस्थित आशा कार्यकर्ता द्वारा बताया गया कि शिशु पूर्णतः विकसित अवस्था में था। शिशु की गर्भावधि लगभग 7-8 माह की प्रतीत होती है तथा नौ माह पूर्ण होने में कुछ दिन शेष रहे होंगे। बताया कि शव की शिनाख्त के प्रयास के लिए 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, 72 घंटे तक शिनाख्त के सभी प्रयास पूरे होने के बाद व मृतक की मृत्यु का स्पष्ट कारण जानने के लिए विधिवत पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही भविष्य की जांच में मदद के महत्वपूर्ण डीएनए सैंपल भी सुरक्षित रखे जाएंगे। नवजात की मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। पुलिस टीमों द्वारा स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ कर घटना से जुड़ी हर जानकारी को एकत्रित किया जा रहा है।