उत्तराखंड में जल्द आकार लेगा 'आयुर्वेद एम्स', आयुष मंत्री ने 15 एकड़ जमीन चिन्हित करने के दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में आयुर्वेद की शिक्षा और चिकित्सा को नई ऊंचाई देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में आयुर्वेद एम्स स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही लंबे समय से विवादों और समस्याओं से घिरे उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के मुद्दों का भी जल्द समाधान किया जाएगा।
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में हुए वित्तीय घोटाले, भर्ती अनियमितताओं, वेतन भुगतान में देरी और लंबित परीक्षाओं जैसी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि आयुष एवं आयु शिक्षा विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की जाए, जो विश्वविद्यालय की सभी समस्याओं का बिंदुवार निस्तारण करेगी। मंत्री कौशिक ने कहा कि आयुष शिक्षा विभाग राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान में प्रदेश में 3 राजकीय आयुर्वेदिक परिसर, 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय और 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय कार्यरत हैं। बैठक में उत्तराखंड में आयुर्वेद एम्स स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 एकड़ जमीन चिन्हित करें और इसके बाद केंद्रीय आयुष मंत्री से मुलाकात कर प्रस्ताव रखा जाए। आयुष मंत्री ने धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर स्थित धर्मशालाओं और बड़े होटलों को आयुर्वेदिक सुविधाओं से जोड़ने की योजना बनाई जाए। साथ ही ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर वैलनेस सेंटर, योग और पंचकर्म जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने की अवधारणा पर काम तेज किया जाए। मंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि खाली पड़े चिकित्सकीय पदों पर तुरंत अधियाचन भेजा जाए। वर्तमान में प्रदेश में 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर और 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर कार्यरत हैं। खाली पदों को शीघ्र भरने से आयुर्वेदिक सेवाएं और मजबूत होंगी। आयुष मंत्री मदन कौशिक का यह फैसला आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने और युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विश्वविद्यालय की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।