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बागेश्वर में फिर कांपी धरती: 100 दिनों के भीतर तीसरी बार महसूस हुए भूकंप के झटके, दहशत में लोग

  • Tapas Vishwas
  • April 05, 2026 12:04 PM
Earth Trembles Again in Bageshwar: Tremors Felt for the Third Time Within 100 Days; People in Panic

बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भूगर्भीय हलचलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार की सुबह बागेश्वर जिले में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम होने के कारण कहीं से भी किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार (5 अप्रैल) की सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर बागेश्वर की धरती अचानक डोल उठी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र कपकोट के पास जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

रविवार का दिन होने के कारण अधिकांश लोग घरों में थे, जिसके चलते झटके महसूस होते ही कई लोग खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े। वहीं, कुछ लोग अपने दैनिक कार्यों में इतने मशगूल थे कि उन्हें झटकों का आभास तक नहीं हुआ। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है और संवेदनशील इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है। बागेश्वर जिले के लिए यह साल भूगर्भीय दृष्टि से काफी बेचैन करने वाला रहा है। पिछले 100 दिनों के भीतर जिले में यह तीसरी बार है जब धरती कांपी है। इससे पहले 13 जनवरी को 3.5 तीव्रता और फिर 6 फरवरी को 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार आ रहे ये छोटे झटके जमीन के भीतर जमा हो रहे दबाव (Stress) के संकेत हो सकते हैं। भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड हमेशा से ही देश के सबसे संवेदनशील राज्यों में शुमार रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती हलचलों को देखते हुए इसकी श्रेणी में बदलाव किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पहले उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा भूकंपीय जोन 4 और 5 में आता था। परंतु, साल 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा जारी किए गए नए सिस्मिक मैप (भूकंपीय मानचित्र) में उत्तराखंड की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे जोन 6 में शामिल किया गया है। यह नई श्रेणी राज्य में भविष्य में आने वाले बड़े भूकंपों के खतरे और सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त बनाने की ओर इशारा करती है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि भूकंप के झटकों के बाद सभी तहसीलों से रिपोर्ट ली गई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भूकंप की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन करें। साथ ही, पुराने और जर्जर भवनों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


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