नैनीताल एसएसपी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, अल्मोड़ा-दिल्ली जा रही रोडवेज बस के टायर में लगी आग
हल्द्वानी। हल्द्वानी-नैनीताल रोड पर बुधवार रात करीब 10:05 बजे एक रोडवेज बस के पिछले टायर में अचानक आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। अल्मोड़ा से दिल्ली जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस भोटिया पड़ाव के पास पहुंची थी, तभी उसके पिछले टायर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। बस चालक इस खतरनाक स्थिति से पूरी तरह अनजान था और बस लगातार आगे बढ़ रही थी। उसी समय क्षेत्र भ्रमण पर निकले एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी अपनी सरकारी गाड़ी में आगे बढ़ रहे थे। उनकी नजर बस के टायर से उठ रही आग की लपटों पर पड़ी। बिना समय गंवाए एसएसपी ने अपनी गाड़ी से बस को ओवरटेक किया और चालक को तुरंत बस रोकने का इशारा किया। बस रुकते ही एसएसपी ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर बस में सवार लगभग 10 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पास के पेट्रोल पंप से फायर एक्सटिंग्विशर मंगवाए गए और एसएसपी ने खुद टीम के साथ मिलकर टायर में लगी आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया। पानी भी डाला गया। कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
एसएसपी ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। यात्रियों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। बाद में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था की गई और उन्हें सुरक्षित रवाना किया गया। प्रारंभिक जांच में ब्रेक शू के अत्यधिक गर्म होने को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस की तकनीकी टीम अब बस की पूरी जांच कर रही है, जिसके बाद वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस घटना में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ की सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने उनकी इस तत्परता को सराहा और कहा कि उनकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मौके पर मौजूद वाहन चालकों से अपील की कि वे लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अपने वाहनों की पूरी तकनीकी जांच अवश्य करा लें। उन्होंने कहा कि ब्रेक, टायर और इंजन की नियमित जांच से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की नियमित मेंटेनेंस की अहमियत को रेखांकित करती है। खासकर पहाड़ी इलाकों में लंबी दूरी की बसों में ब्रेक सिस्टम और टायर की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।