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आतंक का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान से निर्देश लेकर भारत में नेटवर्क फैला रहा था शब्बीर लोन! गाजीपुर बॉर्डर से गिरफ्तारी, पहले भी आतंकी मामलों में जा चुका है जेल

  • Awaaz Desk
  • March 30, 2026 11:03 AM
Major terror revelation: Shabir Lone was spreading his network in India under instructions from Pakistan! Arrested at the Ghazipur border, he has previously been jailed for terror crimes.

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयाबा से जुड़े एक अहम हैंडलर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान शब्बीर अहमद लोन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक वह बांग्लादेश से नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था और भारत में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर उन्हें आतंकी संगठन में भर्ती कराने की कोशिश कर रहा था। स्पेशल सेल की टीम ने 29 मार्च की रात उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के इलाके में छापा मारकर शब्बीर लोन को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि हाल ही में जिस लश्कर मॉड्यूल का खुलासा हुआ था, शब्बीर लोन उसी का मुख्य साजिशकर्ता और हैंडलर है। जांच में सामने आया है कि शब्बीर लोन भारत में सीधे नहीं आया, बल्कि नेपाल बॉर्डर के रास्ते चोरी-छिपे देश में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहकर आतंकी संगठन के लिए नए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक उसे पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलरों से लगातार निर्देश मिल रहे थे। ये लोग भारत में अपने नेटवर्क को मजबूत करने और नए युवाओं को संगठन में शामिल कराने की साजिश रच रहे थे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि शबीर लोन एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क करता था। वह उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की तरफ आकर्षित कर आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए उकसाने की कोशिश करता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसका मकसद भारत में एक नया नेटवर्क तैयार करना था, ताकि भविष्य में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शबीर लोन पहले भी आतंक से जुड़े मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। साल 2007 में उसे गैरकानूनी गतिविधियों और विस्फोटक पदार्थ से जुड़े मामलों में पकड़ा गया था। उस समय उसके पास से हथियार भी बरामद हुए थे और उसे करीब छह साल की सजा हुई थी। जेल से रिहा होने के बाद भी वह आतंकी नेटवर्क से जुड़ा रहा और बाद में फिर से सक्रिय होकर संगठन के लिए काम करने लगा। 


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