उत्तराखंड में नहीं होगी गैस की किल्लत,मुख्य सचिव ने दिए निर्बाध आपूर्ति और कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश,शादी समारोहों के लिए होगी अतिरिक्त गैस की व्यवस्था
देहरादून। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आवश्यक वस्तुओं, विशेषकर एलपीजी गैस और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। शनिवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए जनता को किसी भी प्रकार की अफवाह से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान में जारी शादी-समारोहों के सीजन को देखते हुए गैस की अतिरिक्त मांग का समय पर आकलन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मांग वाले अवसरों पर आमजन को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए अतिरिक्त गैस सिलिंडर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही गैस एजेंसियों और वितरकों की नियमित निगरानी करने और उनके स्टॉक रजिस्टर की दैनिक जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने आपूर्ति विभाग और जिलाधिकारियों को कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सख्त प्रवर्तन कार्रवाई (Enforcement Action) के निर्देश दिए। विशेष रूप से नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने को कहा गया है ताकि ईंधन और उर्वरकों की अवैध तस्करी न हो सके। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी आपूर्ति में असंतुलन दिखता है, तो तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। आगामी चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली गैस और ईंधन की मांग को लेकर पर्यटन एवं पूर्ति विभाग को केंद्र सरकार के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2070 तक 'कार्बन न्यूट्रल' लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड को अब ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ना होगा। इसके लिए उन्होंने पीरूल ब्रिकेट, बायोगैस प्लांट, सोलर चूल्हे और सोलर कुकर को बढ़ावा देने पर जोर दिया। नगर निकायों को बायोगैस प्लांट की संख्या बढ़ाने और परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने को कहा गया है। जनमानस में भ्रम की स्थिति को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, खाड़ी देशों और मिडिल ईस्ट में वैश्विक तनाव के कारण फंसे उत्तराखंड के नागरिकों की सहायता के लिए विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती को राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिलों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जल्द ही टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा। कृषि विभाग को निर्देशित किया गया है कि यूरिया और अन्य उर्वरकों का अनावश्यक भंडारण न किया जाए। उर्वरक वितरण को एग्रीटेक, फार्मर रजिस्ट्री और वास्तविक खेती के आंकड़ों के साथ लिंक किया जाएगा ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके। साथ ही, फार्मा और अन्य उद्योगों में सीएनजी एवं पीएनजी पाइपलाइन के विस्तार की अनुमति तुरंत प्रदान करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एल.एल. फैनई सहित विभिन्न तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी जनपदों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।