• Home
  • News
  • RSS chief Mohan Bhagwat makes a major statement! If anything good or bad happens in India, Hindus will be questioned, calling for unity.

संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान! भारत में अगर कुछ अच्छा या बुरा होगा तो सवाल हिंदुओं से ही किए जाएंगे, एकजुट होने का आह्वान

  • Awaaz Desk
  • January 17, 2026 07:01 AM
RSS chief Mohan Bhagwat makes a major statement! If anything good or bad happens in India, Hindus will be questioned, calling for unity.

नई दिल्ली। मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के गंगापुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत के साथ कुछ अच्छा या बुरा होता है, तो उसके लिए हिंदुओं से सवाल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र का नाम नहीं है, बल्कि यह देश के चरित्र का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज पारंपरिक रूप से समावेशी और सभी को स्वीकार करने वाला रहा है जो रीति-रिवाजों, पहनावे, खान-पान, भाषा, जाति और उपजाति में विविधता को अपनाता है और इन मतभेदों को संघर्ष का कारण नहीं बनने देता। भागवत ने कहा कि अगर भारत में कुछ अच्छा या बुरा होता है, तो हिंदुओं से पूछा जाएगा। भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र का नाम नहीं, बल्कि देश का चरित्र है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जो लोग एकीकरण में विश्वास रखते हैं, वे हिंदू समाज और देश के सच्चे चरित्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह परंपरा सदियों से आक्रमणों और विनाश के बावजूद संरक्षित रही है। ऐसे लोग हिंदू कहलाते हैं और उनकी भूमि भारत कहलाती है। उन्होंने कहा कि अगर लोग अच्छे, दृढ़ और ईमानदार बनने की कोशिश करें तो देश भी वैश्विक मंच पर इन गुणों को देखेगा। 

स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल पर दिया जोर
भागवत ने आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों को इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हमें स्थानीय वस्तुएं खरीदनी चाहिए। जो चीज यहां नहीं बन सकती, उसे अन्य देशों से खरीदा जा सकता है। हमने आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना है और हमें इसी रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें विदेशों में रोजगार सृजन की चिंता नहीं करनी चाहिए, यह उन्हें करना है। जब वैश्वीकरण की बात करते हैं, तो वे वैश्विक बाजार की अपेक्षा रखते हैं, हम वैश्विक परिवार की अपेक्षा रखते हैं।

हिंदुओं में एकता का किया आह्वान
भागवत ने हिंदुओं में एकता का आह्वान किया और कहा कि यह केवल आरएसएस का उद्देश्य नहीं, बल्कि समुदाय के सभी सदस्यों का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें जाति, संप्रदाय, भाषा या व्यवसाय की परवाह किए बिना हिंदू मित्र बनाने चाहिए। इससे समानता स्थापित होगी। संघ पहल करेगा, लेकिन समुदाय को इसका नेतृत्व करना होगा। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी रावण से बातचीत के जरिए युद्ध टालने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में हथियार उठाए। हमें भी अन्याय के खिलाफ कदम-दर-कदम लड़ना चाहिए।


संबंधित आलेख: