• Home
  • News
  • Uttarakhand High Court's strict comment: Criminal charges against the head priest of Maa Chandi Devi Temple threaten the dignity of religious institutions; orders surprise inspection

उत्तराखंड उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी: मां चंडी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी पर आपराधिक आरोपों से धार्मिक संस्थानों की गरिमा पर खतरा, औचक निरीक्षण के निर्देश

  • Awaaz Desk
  • February 19, 2026 07:02 AM
Uttarakhand High Court's strict comment: Criminal charges against the head priest of Maa Chandi Devi Temple threaten the dignity of religious institutions; orders surprise inspection

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को हरिद्वार स्थित मां चंडी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत के समक्ष दायर विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि मंदिरों और आश्रमों के प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध इस प्रकार के मामलों में बढ़ोतरी चिंताजनक है और ऐसे मामलों से धार्मिक संस्थानों की गरिमा प्रभावित हो रही है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि धार्मिक स्थलों से जुड़े पदाधिकारियों पर लिव-इन रिलेशनशिप, पारिवारिक विवाद और छेड़छाड़ जैसे आरोप सामने आ रहे हैं, तो यह स्थिति गंभीर है। अदालत ने कहा कि कम से कम मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों को इस प्रकार की गतिविधियों से मुक्त रखा जाना चाहिए। न्यायालय ने जिला प्रशासन को मंदिरों और आश्रमों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए, ताकि प्रबंधन व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। यह मामला मां चंडी देवी मंदिर के महंत रोहित गिरी के खिलाफ उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 में महंत ने अपनी पत्नी को एक महिला रीना बिष्ट से परिचित कराया था, जिसके साथ बाद में उनके निजी संबंध सामने आए। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें महंत की लिखावट में एक डायरी मिली, जिसमें रीना बिष्ट के नाम पर 5.5 लाख रुपये की सावधि जमा (एफडी) का उल्लेख था। पूछताछ के दौरान कथित रूप से यह तथ्य सामने आया कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध थे और उस संबंध से एक बच्ची का जन्म हुआ। मामले में यह भी उल्लेख किया गया कि मई 2025 में पंजाब पुलिस ने महंत रोहित गिरी को छेड़छाड़ के एक प्रकरण में गिरफ्तार किया था। इससे पूर्व भी न्यायालय ने महंत के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर प्रश्न उठाए थे और प्रबंधन में कथित कुप्रबंधन की बात कही थी। अदालत ने बद्रीनाथ.केदारनाथ मंदिर समिति को निर्देश दिया था कि वह संबंधित मंदिर ट्रस्ट के कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करे।


संबंधित आलेख: