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बॉलीवुड गानों में बढ़ती अश्लीलता पर छिड़ी बड़ी बहस! सरके चुनर तेरी सरके पर बवाल, नोरा फतेही और संजय दत्त के डांस व लिरिक्स पर उठे गंभीर सवाल

  • Awaaz Desk
  • March 18, 2026 07:03 AM
 A major debate has erupted over the increasing vulgarity in Bollywood songs! The song "Sarke Chunar Teri Sarke" sparked a controversy, raising serious questions about Nora Fatehi and Sanjay Dutt's dance moves and lyrics.

नई दिल्ली। संगीत को हमेशा से भावनाओं की अभिव्यक्ति, संस्कृति की पहचान और मनोरंजन का सशक्त माध्यम माना गया है। कभी गीतों के बोल दिल को छूते थे, तो कभी धुनें यादों में बस जाती थीं। लेकिन बदलते दौर में संगीत की यह गरिमा अब सवालों के घेरे में नजर आ रही है, खासकर तब जब कुछ गानों में शब्दों की मर्यादा और प्रस्तुति की सीमाएं लगातार धुंधली होती जा रही हैं। फिल्मी गानों में डबल मीनिंग या हल्की-फुल्की चुलबुली भाषा का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है, लेकिन हाल के दिनों में कुछ गीतों ने इस सीमा को पार करते हुए सीधे-सीधे अश्लीलता की ओर रुख कर लिया है। ताजा उदाहरण फिल्म केडी- द डेविल का गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ है, जिसमें अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त नजर आ रहे हैं। इस गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों और दृश्य प्रस्तुति को लेकर आलोचना तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि इसमें ना सिर्फ भाषा की मर्यादा का अभाव है, बल्कि डांस स्टेप्स और हाव-भाव भी अत्यधिक वल्गर तरीके से पेश किए गए हैं। नोरा फतेही के डांस मूव्स और संजय दत्त के हुक स्टेप्स को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। इसी कड़ी में गीतकार रकीब आलम का एक और विवादित गाना ‘चूसेगा या चाटेगा’ भी चर्चा में है, जिसके बोलों को लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। इस तरह के गानों को लेकर यह बहस और गहरी हो गई है कि क्या मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है? विशेषज्ञों का मानना है कि जहां पहले अश्लीलता को छुपाने के लिए डबल मीनिंग शब्दों का सहारा लिया जाता था, वहीं अब कई गानों में बिना किसी लाग-लपेट के सीधे अर्थ प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इससे न केवल संगीत की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि समाज पर भी इसका असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है। आज सवाल यह खड़ा होता है कि क्या लोकप्रियता और व्यूज की दौड़ में गीतों की संवेदनशीलता और सांस्कृतिक जिम्मेदारी पीछे छूटती जा रही है? मनोरंजन की आड़ में परोसी जा रही इस तरह की सामग्री पर बहस जारी है, लेकिन असली चुनौती यही है कि संगीत अपनी मूल पहचान, संवेदनशीलता, सौंदर्य और मर्यादा को कब और कैसे वापस हासिल करेगा।

गंदे लिरिक्स और भद्दे डांस पर मचा है बवाल! यूट्यूब से हटा
इधर जैसे ही मेकर्स ने ये आइटम सॉन्ग जारी किया, देखते ही देखते विवादों में घिर गया। गाने के भद्दे बोल और अश्लील डांस को देखते ही यूट्यूब सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर इसकी थू-थू होने लगी। लोगों ने इसे लेकर प्रोडक्शन हाउस और कलाकारों को घेरना शुरू कर दिया। गाने के खिलाफ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के समक्ष शिकायत भी दायर हुई और गाने के अश्लील बोल और अभद्र डांस के चलते इसे बैन करने के मांग की गई, जिसके बाद प्रोडक्शन हाउस ने ‘केडी दः डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ के हिंदी वर्जन को यूट्यूब से हटा दिया है। 

गाने पर भड़कीं कंगना! कहा- सारी हदें हो गई पार
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने नोरा फतेही के गाने की आलोचना की है। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। वो कहती हैं कि अश्लीलता और एक चीप पीआर टैक्टिक, अटेंशन पाने के लिए बॉलीवुड ने हर हद पार कर दी है। सारा देश उनको धिक्कार रहा है। उनको फटकार रहा है। लेकिन मुझे नहीं लगता उनको कोई भी शरम है, क्योंकि इस तरह के गाने हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। ये कोई बड़ी बात अभी नहीं हुई है। लेकिन बीच-बीच में उनपर प्रतिबंध लगा है और अब मुझे लगता है उनके लिए और ज्यादा सख्ती होनी चाहिए। इस तरह की अश्लीलता के प्रदर्शन से सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रभाव पड़ता है। फैमिली के साथ बैठकर टीवी देखना मुश्किल हो गया है। मुझे लगता है बॉलीवुड पर कुछ अच्छी लगाम लगानी पड़ेगी।

सेंसर बोर्ड को 3 दिन का अल्टीमेटम
विवाद की आंच अब केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड तक भी पहुंच गई है। वासु शांडिल्य ने सेंसर बोर्ड को लीगल नोटिस भेजकर 3 दिनों के भीतर गाने पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में बोर्ड ने कोई कदम नहीं उठाया, तो वे इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।


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