उत्तराखंड चारधाम यात्रा: ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से होगी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, तैयारियां तेज
देहरादून। उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड दर्शन करने पहुंचते हैं। जिसको देखते हुए संबंधित विभाग व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में चारधाम यात्रा के दौरान सरकार की ओर से श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराए जाने पर भी जोर दिया जाता है। ताकि किसी भी श्रद्धालु का स्वास्थ्य खराब होने के दौरान तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। ऐसे में इस साल चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराए जाने के लिए विशेष प्रबंध किये हैं। जिसके तहत, यात्रा पर आने वाले हर तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य की ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
दरअसल, उत्तराखंड चारधाम प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं, जिसके चलते अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कई बार स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं भी होती हैं। जिस पर चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिये राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही हैं। जिसके तहत चारधाम यात्रा पर आने वाले हर तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए यात्रा मार्गों, मुख्य पड़ावों और चारों धामों की स्थायी और अस्थायी चिकित्सा इकाईयों में सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद की जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले हर तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर रीयल-टाइम माॅनिटरिंग की जाएगी,ताकि श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा, यात्रा काल के दौरान कुल 177 एम्बुलेंस तैनात की जाएगी। जिसमें 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के साथ ही कार्डिक एम्बुलेंस सेवा शामिल है. इसके अलावा टिहरी में एक वोट एम्बुलेंस और एक हेली एम्बुलेंस भी क्रियाशील रहेगी, जिसका संचालन एम्स ऋषिकेश से किया जाएगा। यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंस का न्यूनतम रिस्पांस टाइम रहेगा, जिससे तीर्थयात्रियों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर श्रद्धालुओं को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जाएगी और उन्हें उपचार भी दिया जाएगा। यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं पैरामेडिकल स्टाॅफ की रोटेशन के आधार पर तैनाती की जाएगी। जिसमें 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल ऑफिसर एवं 85 पैरामेडिकल स्टाॅफ को 15 दिन के रोस्टर के आधार तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा 100 स्वास्थ्य मित्रों की भी यात्रा मार्गों पर तैनाती की जाएगी।