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गैस बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी का जाल, डिजिटल सुविधा बनी खतरे की घंटी, सावधान रहें उपभोक्ता

  • Tapas Vishwas
  • March 17, 2026 11:03 AM
A Web of Cyber ​​Fraud Under the Guise of Gas Booking: Digital Convenience Becomes a Warning Bell Consumers, Stay Alert.

देहरादून। रसोई गैस की बढ़ती मांग और संभावित कमी की खबरों के बीच जहां लोग सिलिंडर के लिए परेशान हैं, वहीं साइबर ठगों ने इसे कमाई का नया जरिया बना लिया है। उत्तराखंड में गैस बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल सुविधा अब खतरे की घंटी बनती जा रही है।

दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच गैस आपूर्ति को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और घबराहट के माहौल का फायदा उठाकर साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। ठग फर्जी कस्टमर केयर नंबर, नकली वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारों में ठग सक्रिय रहते हैं। वे खुद को मददगार बताकर उपभोक्ताओं को तुरंत सिलिंडर दिलाने या शिकायत दर्ज कराने का भरोसा देते हैं। इसके बाद वे एक मोबाइल नंबर देते हैं, जिस पर कॉल करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही उपभोक्ता उस नंबर पर संपर्क करता है, ठग खुद को गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर बातचीत शुरू करता है।इसके बाद बुकिंग कन्फर्मेशन, सब्सिडी अपडेट या केवाईसी सत्यापन के नाम पर उपभोक्ताओं से बैंक डिटेल्स, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में एक लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है। इसके जरिए वे आसानी से बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। अब साइबर ठगों ने ठगी के नए तरीके भी अपनाने शुरू कर दिए हैं। स्क्रीन शेयरिंग एप और क्यूआर कोड इनके प्रमुख हथियार बन चुके हैं। ठग उपभोक्ता को समस्या के समाधान के नाम पर एप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। जैसे ही यूजर स्क्रीन शेयर करता है, ठग उसके बैंकिंग एप तक पहुंच बना लेते हैं। वहीं क्यूआर कोड स्कैन करने के नाम पर पैसे मिलने का झांसा दिया जाता है, जबकि वास्तव में खाते से रकम कट जाती है।देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और ऋषिकेश जैसे शहरों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसको लेकर पुलिस भी सतर्क है। अजय सिंह ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ठग अब रोजमर्रा की जरूरतों को निशाना बना रहे हैं, ताकि लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके। गैस बुकिंग के अलावा केवाईसी अपडेट, नौकरी का झांसा, ऑनलाइन खरीद-बिक्री, लॉटरी और वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल जैसे कई तरीके भी तेजी से फैल रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गैस बुकिंग हमेशा आधिकारिक एप या सत्यापित नंबर से ही करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बिना जांचे कोई एप डाउनलोड न करें। ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर किसी के साथ ठगी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।


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