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ट्रैवल राइटिंग के युग का अवसानः मसूरी में पद्मश्री ह्यूग गैंट्जर का निधन! साहित्य जगत में शोक

  • Awaaz Desk
  • February 03, 2026 11:02 AM
An era of travel writing ends: Padma Shri Hugh Gantzer passes away in Mussoorie! The literary world mourns.

देहरादून। मसूरी से एक दुखद खबर सामने आई है, दिग्गज अंग्रेजी ट्रैवल राइटर और पद्मश्री से सम्मानित ह्यूग गैंट्जर का निधन हो गया है। उन्होंने 94 वर्ष की आयु में किंक्रेग लाइब्रेरी रोड स्थित अपने निवास ओक ब्रुक में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर तमाम राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिंक संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक जताया है। बता दें कि नेवी में कमांडर के रूप में सेवाएं देने वाले ह्यूग गैंट्जर ने सेवानिवृत्ति के बाद मसूरी को अपना स्थायी घर बनाया। यहीं से उन्होंने अपनी धर्मपत्नी कोलीन गैंट्जर के साथ मिलकर ट्रैवल राइटिंग को नया आयाम दिया। यह जोड़ी बीते पांच दशकों तक भारत के अनछुए पर्यटन स्थलों, विरासत और संस्कृति को दुनिया के सामने लाने में जुटी रही। ह्यूग और कोलीन गैंट्जर के योगदान का अंदाजा उनकी 30 से ज्यादा पुस्तकों, हजारों लेखों और दूरदर्शन पर प्रसारित 52 डॉक्यूमेंट्री से लगाया जा सकता है। उनकी रचनाओं ने भारत को केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि अनुभव के रूप में पेश किया। इसी योगदान के लिए इस जोड़ी को गणतंत्र दिवस पर ट्रैवल जर्नलिज्म के क्षेत्र में साल 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। प्रसिद्ध लेखक और साहित्यकार गणेश शैली ने ह्यूग गैंट्जर को याद करते हुए कहा कि वे मसूरी को अपना घर कहते थे। शहर की हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर उनकी नजर रहती थी। गैंट्जर परिवार सामाजिक और साहित्यिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र रहा। ह्यूग गैंट्जर को केवल लेखक के रूप में ही नहीं, बल्कि मसूरी के संरक्षक के रूप में भी याद किया जाएगा। जब मसूरी में चूना खनन और अनियंत्रित निर्माण से पहाड़ों का अस्तित्व खतरे में था, तब उन्होंने आवाज उठाई। 


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