• Home
  • News
  • DM sahab reached the government hospital at midnight disguised as a common man, causing panic among doctors and staff

आधी रात को आम इंसान बनकर सरकारी हॉस्पिटल पहुंचे डीएम साहब, डॉक्टरों और कर्मचारियों में मचा हड़कंप

  • Tapas Vishwas
  • February 26, 2026 08:02 AM
DM sahab reached the government hospital at midnight disguised as a common man, causing panic among doctors and staff

हरिद्वार। अपनी सख्त और अलग कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एक बार फिर प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण पेश किया। बीती देर रात वह बिना किसी पूर्व सूचना के आम आदमी की तरह शहर के मेला अस्पताल और महिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम के अचानक पहुंचने से डॉक्टरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। रात के समय हुए इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानना था। डीएम ने सबसे पहले मेला अस्पताल का निरीक्षण किया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की।

मरीजों ने बताया कि अस्पताल में उपचार ठीक ढंग से किया जा रहा है और समय पर भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि डीएम ने केवल मौखिक जानकारी पर संतोष नहीं किया, बल्कि स्वयं वार्डों की साफ-सफाई, बेड शीट, कंबल, पेयजल व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर खराब लाइटें और पेयजल व्यवस्था में कमी पाई गई। इस पर डीएम ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी खराब लाइटों को तुरंत ठीक किया जाए और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। खराब पड़े वाटर कूलर को भी तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने अस्पताल प्रशासन को सख्त हिदायत दी कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखी जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों को दी जाने वाली बेड शीट और कंबलों की नियमित धुलाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को निर्देशित किया गया कि मरीजों को स्वच्छ और पर्याप्त कंबल उपलब्ध कराए जाएं। आवश्यकता पड़ने पर नए कंबल खरीदने के भी निर्देश दिए गए।

मेला अस्पताल के बाद डीएम महिला अस्पताल पहुंचे। यहां भी उन्होंने सभी वार्डों का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों की स्थिति जानी। विशेष रूप से लेबर रूम का निरीक्षण करते हुए प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं के बारे में जानकारी ली। ड्यूटी पर तैनात डॉ. शिवंशी ने बताया कि लेबर रूम में उस समय दो महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती थीं, जिनकी स्थिति सामान्य थी। इसके अलावा हाल ही में प्रसव कराने वाली 13 महिलाएं अस्पताल में भर्ती थीं। डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को अनावश्यक रूप से अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला का समुचित और प्राथमिकता के आधार पर उपचार किया जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि महिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस और 108 सेवा हर समय उपलब्ध रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत सहायता मिल सके। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, जिससे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत बनी रहे। डीएम के इस औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हलचल देखी गई। कर्मचारियों में सक्रियता बढ़ गई और कई व्यवस्थाओं को तुरंत सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अचानक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि सरकारी अस्पतालों में आम जनता को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। जिलाधिकारी की इस पहल को मरीजों और उनके परिजनों ने सकारात्मक कदम बताया। देर रात अस्पताल पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लेने से यह संदेश गया है कि प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है। हरिद्वार में इस औचक निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब अस्पतालों की लापरवाही पर सख्त नजर रखी जाएगी। डीएम मयूर दीक्षित की सक्रिय कार्यशैली से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीद और मजबूत हुई है।
 


संबंधित आलेख: