इश्क से इल्जाम तकः दो महीने की गर्भवती पत्नी की हत्या कर पति ने बनाया लूट का ड्रामा! पुलिस पूछताछ में टूटी झूठ की कहानी
नई दिल्ली। हरियाणा के झज्जर में महिला बैंक कर्मचारी की हत्या के मामले जो खुलासा हुआ है, उसे सुनकर हर कोई स्तब्ध है। महिला बैंक कर्मचारी की हत्या का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि उसके ही पति पर लगा है। आरोपी पति अंशुल ने पहले अपनी पत्नी महक की हत्या की और फिर लूट का ड्रामा रचा, लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों में पूरी कहानी से पर्दा उठा दिया। जानकारी के अनुसार रविवार रात साढ़े आठ बजे पुलिस को डॉयल नम्बर-112 पर सूचना मिली कि बहादुरगढ़ के बादली के गांव पाहसौर के पास एक कपल के साथ लूट की वारदात हुई है और इसमें महक नामक विवाहिता की मौत भी हो गई है। शव उसका साथ लगते रजवाहे में पड़ा है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पहले तो पुलिस ने मौके पर एफएसएल की टीम को बुलाया साक्ष्य जुटाए। बाद में इस पूरे घटनाक्रम के बारे में वहीं पर मौजूद महक के पति अंशुल ने जानकारी दी। अंशुल गुरूग्राम में सीए का काम करता था। वहीं उनकी पत्नी महक भी गुरुग्राम में एचडीएफसी बैंक में डिप्टी मैनेजर थी। पूछताछ में मृतका महक के पति अंशुल ने अपने साथ हुई लूट का ड्रामा रचा। पुलिस के मुताबिक आरोपी पति ने बताया कि कुछ लोग आए और उन्होंने उनकी गाड़ी रुकवा कर उनके साथ मारपीट की और उसकी पत्नी की हत्या कर डाली और गाड़ी लूट कर ले गए। इस दौरान उसने पुलिस को माथे पर लगे चोट के निशान भी दिखाए। हालांकि जब पुलिस ने लुटेरों के बारे में पूछा तो वह उनके हुलिये और वारदात के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया। अंशुल धवन ने घटना को अंजाम देने के लिए सुनसान रास्ता चुना। जबकि आम तौर पर गुरुग्राम जाने के लिए यह रास्ता नहीं लिया जाता है। उसकी कार बादली में बहादुरगढ़ रोड पर सुनसान जगह मिली। पास में सूखा हुआ रजबाहा था और ईंट भट्ठे थे। उसने जानकर यह रास्ता चुना, ताकि कोई उसे ना देख पाए। इस पर भी पुलिस को अंशुल कोई जवाब नहीं दे पाया। आरोपी ने झज्जर-बादली मार्ग से 100 मीटर अंदर कच्चे रास्ते पर वारदात को अंजाम दिया था। अंशुल हिसार से गुरुग्राम के लिए निकला था। घटना वाले दिन महक हांसी में अपने मायके गई थी। वहां पर कुछ देर रुकने के बाद दोनों कार में गुरुग्राम के लिए निकले। शाम को छह बजे के आसपास दोनों मायके से निकले और फिर अंशुल ने महक की मौत की जानकारी नहीं दी। बाद में 10 बजे परिजनों ने मायके वालों को बताया। 16 फरवरी को अंशुल को पुलिस मौके पर ले गई तो क्राइम सीन रीक्रिएट करने की कोशिश की, लेकिन अंशुल की कहानी मौके से मेल नहीं खा रही थी। क्योंकि मौके पर लूटपाट के कोई निशान नहीं मिले। अंशुल को पत्नी महक की फोन पर आने वाले अननॉन कॉल्स और मैसेज से आपति थी। इस वजह से वह पहले से प्लानिंग के तहत आय़ा था। उसकी गाड़ी में कैंची और गलव्स थे। महक की बहन श्रुति ने बताया कि वह जानबूझकर गलत रास्ते पर गाड़ी ले गया था।
पूरी तरह से पुलिस को गुमराह करने लगा था
पुलिस के अनुसार बातचीत के दौरान अंशुल अपनी बात रखते हुए पूरी तरह गुमराह करने में लगा था, लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी बातों पर शक की सूई घूमनी शुरू हो गई। तुरन्त वह सख्ती से पूछताछ करने के बाद टूट गया और उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने पहले अपनी पत्नी का गला घोंटा और बाद में कैंची से उसके गले पर वार किए। जिससे उसकी मौत हो गई। महक की हत्या की योजना उसने पहले ही बना रखी थी और कैंची भी वह अपने साथ लेकर चला था।
चार माह पहले ही हुई थी दोनों की शादी
खबरों के मुताबिक चार माह पहले ही दोनों की शादी हुई थी। पता यह भी चला है कि महक दो माह की गर्भवती थी। पुलिस के अनुसार पूछताछ में एक बात यह भी सामने आई है कि अशुंल को अपनी पत्नी महक के चरित्र पर संदेह था क्योंकि बैंक में होने की वजह से वह फोन पर अपने साथी कर्मचारियों से बातचीत करती थी। इसी के चलते उसने उसकी हत्या कर डाली। यह भी सामने आया कि अंशुल ने पहले अपनी पत्नी के साथ वैलेंटाईन-डे मनाया और बाद में उसकी हत्या की योजना बना डाली।