सब्जी समझकर खा लिया धतूरा, एक ही परिवार के तीन लोग अस्पताल में भर्ती, नैनीताल के निगलाट की घटना
नैनीताल। जिले के ग्रामीण क्षेत्र निगलाट सिरोड़ी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अनजाने में जहरीले पौधे धतूरे का सेवन करने से एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। पीड़ितों को देर रात नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, निगलाट सिरोड़ी निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मी देवी मंगलवार शाम को अपने खेत में सब्जी (साग) तोड़ने गई थीं। अधिक उम्र और आंखों की रोशनी कम होने के कारण वह साग और धतूरे के पौधे में अंतर नहीं कर सकीं और अनजाने में साग के साथ धतूरा भी तोड़ लाईं। घर पहुँचने पर उसी जहरीले मिश्रण की सब्जी तैयार की गई। रात के भोजन में लक्ष्मी देवी, उनके पुत्र करन रौतेला (56 वर्ष) और बहू प्रियंका (25 वर्ष) ने वही सब्जी खाई। भोजन करने के कुछ ही देर बाद तीनों को तेज चक्कर आने लगे और वे बेहोशी की हालत में पहुँच गए। परिवार की बेटी कोमल, जिसने वह सब्जी नहीं खाई थी, ने जब तीनों की हालत बिगड़ते देखी तो शोर मचाया। कोमल ने जब खेत में जाकर मुआयना किया, तब उसे अहसास हुआ कि सब्जी में धतूरा मिल गया था। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में तीनों को लेकर देर रात बीडी पांडे अस्पताल पहुँचे। अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएस दुग्ताल ने बताया कि धतूरा एक अत्यंत जहरीला पौधा है। इसके सेवन से मस्तिष्क पर सीधा असर पड़ता है, जिससे उलझन, मतिभ्रम, तेज धड़कन और बेहोशी जैसी समस्याएं होती हैं। उन्होंने बताया कि समय रहते अस्पताल पहुँचने के कारण तीनों की जान बचा ली गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने ग्रामीणों से अपील की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में खेतों या जंगलों से साग-सब्जी तोड़ते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। डॉ. दुग्ताल ने कहा कि कई बार जंगली पौधे दिखने में सामान्य सब्जी जैसे होते हैं लेकिन वे जानलेवा साबित हो सकते हैं। किसी भी अनजान पौधे या फल का सेवन न करें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। फिलहाल, इस घटना के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग लक्ष्मी देवी के परिवार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।