पिथौरागढ़: सगे भाई ने चाची और चचेरे भाइयों के साथ मिलकर की अपने भाई की निर्मम हत्या, जंगल में फेंका शव
पिथौरागढ़। वनराजी समुदाय के गांव भक्तिरवा किमखोला में एक खौफनाक हत्याकांड सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी चाची और दो चचेरे भाइयों के साथ मिलकर अपने सगे भाई की लोहे की रॉड और डंडों से पिटाई कर निर्मम हत्या कर दी। चारों आरोपियों ने मिलकर शव को जंगल में फेंककर ठिकाने लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव बरामद कर सभी चारों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 22 मार्च को कुंदन सिंह (35) पुत्र स्व. बहादुर सिंह रजवार का अपनी चाची बसंती देवी (39) से किसी बात को लेकर तीखा विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर बसंती देवी के दोनों बेटे जनक सिंह (25) और रमेश सिंह (21) मौके पर पहुंच गए। साथ ही कुंदन सिंह का सगा भाई प्रदीप सिंह (30) भी वहां आ गया। चारों ने मिलकर कुंदन सिंह पर लोहे की रॉड और डंडों से इतने जोरदार वार किए कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अगले दिन 23 मार्च की सुबह चारों आरोपियों ने मिलकर शव को गांव के पास जंगल में ले जाकर फेंक दिया। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने जौलजीबी थाने में पहुंचकर पूरे मामले की लिखित तहरीर दी। तहरीर मिलते ही पुलिस टीम जंगल में खोजबीन पर निकली और कुछ ही देर बाद कुंदन सिंह का शव बरामद कर लिया। शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पिथौरागढ़ ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम कराया गया। थाना प्रभारी जौलजीबी प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि मृतक कुंदन सिंह आए दिन परिवार के सदस्यों से झगड़ा करता रहता था। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसका सगा भाई प्रदीप सिंह भी चाची और चचेरे भाइयों के साथ हो गया। पुलिस ने बसंती देवी, जनक सिंह, रमेश सिंह और प्रदीप सिंह को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीओ केएस रावत ने बताया कि मृतक कुंदन सिंह के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पूरे मामले की जांच चल रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वनराजी बस्ती में खौफ का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े आम थे, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह विवाद इतनी भयानक हत्या तक पहुंच जाएगा। पुलिस ने सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 34 (साझा इरादा) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।