समीर अहमद हत्याकांड: उम्रकैद पाए जसविंदर सिंह को हाईकोर्ट से जमानत, 2018 की सनसनीखेज वारदात फिर चर्चा में
नैनीताल। वर्ष 2018 में किच्छा में हुए चर्चित समीर अहमद हत्याकांड में एक अहम मोड़ आया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे अभियुक्त जसविंदर सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की संयुक्त खंडपीठ ने सुनवाई के बाद पारित किया। दरअसल, इस मामले में रुद्रपुर की तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने 22 दिसंबर 2025 को पांच आरोपियों अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा, गुरचरण सिंह उर्फ बंटी, प्रश्नजीत सिंह संधू उर्फ सन्नी और जसविंदर सिंह को समीर अहमद की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने सभी आरोपियों पर आर्थिक दंड भी लगाया था और जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का प्रावधान किया था।
निचली अदालत के इस फैसले को चुनौती देते हुए जसविंदर सिंह ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। साथ ही उसने जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। अपने पक्ष में दलील देते हुए अभियुक्त ने अदालत को बताया कि वह निर्दोष है और उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उसके खिलाफ कोई ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। मामले की पृष्ठभूमि काफी सनसनीखेज रही है। समीर अहमद के भाई ने 3 मई 2018 को किच्छा थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई समीर अहमद और आरिफ वर्ष 2017 में प्रॉपर्टी का काम करते थे। आरोप है कि इसी दौरान लेन-देन के विवाद को लेकर विवाद पैदा हुआ। जब हिसाब-किताब की बात की गई तो विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गोलीबारी कर दी। इस गोलीबारी में समीर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद निचली अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब हाईकोर्ट से जसविंदर सिंह को मिली जमानत के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, मामले की अपील पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है। अदालत के आगामी आदेशों पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।