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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 के लिए सख्त नियम लागू: बाहरी राज्यों के वाहनों पर पुलिस सत्यापन अनिवार्य, बिना गाइडलाइन पंजीकरण पर रोक

  • Tapas Vishwas
  • February 21, 2026 09:02 AM
Strict rules implemented for Chardham Yatra 2026 in Uttarakhand: Police verification mandatory for vehicles from outside states, registration prohibited without guidelines

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा के दौरान पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थानीय वाहन स्वामियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री वाहनों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब बिना पुलिस सत्यापन के देहरादून संभाग में ऐसे वाहनों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

दरअसल, हर वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान अन्य राज्यों से एनओसी लेकर कई बसें और टेंपो ट्रैवलर देहरादून में अस्थायी रूप से पंजीकृत होकर यात्रा में संचालन करते हैं और सीजन समाप्त होने पर दोबारा एनओसी लेकर अपने राज्य लौट जाते हैं। इससे स्थानीय ट्रैवल व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। देहरादून आरटीओ संदीप सैनी के अनुसार, अब किसी भी बाहरी राज्य के वाहन स्वामी को पंजीकरण से पहले अपने मूल पते या पंजीकृत किरायानामे का स्थानीय पुलिस से सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यदि वाहन किसी कंपनी के नाम पर है तो कंपनी का पंजीकरण प्रमाण पत्र, जीएसटी विवरण और आयकर रिटर्न भी प्रस्तुत करना होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि कंपनी कितने वाहन संचालन में ला रही है। सेकंड हैंड वाहनों के पंजीकरण पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि नियमों का दुरुपयोग न हो सके। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड के ट्रैवल व्यवसायी वर्षभर सेवाएं देते हैं और राज्य में चुनाव या अन्य कार्यक्रमों के दौरान इन्हीं से वाहनों की मांग की जाती है। इसलिए बाहरी वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना आवश्यक है। नई गाइडलाइन के तहत वाहन स्वामी को स्थायी भवन स्वामित्व प्रमाण पत्र या विधिवत पंजीकृत किरायानामा देना होगा। फर्म के मामले में जीएसटी प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। संभागीय अधिकारी या निरीक्षक द्वारा संयुक्त तकनीकी और भौतिक जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें वाहन के मूल रंग और भौतिक सत्यापन के दौरान पाए गए रंग का उल्लेख करना जरूरी होगा। राज्य में नए पंजीकृत वाहनों में अधिकृत जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त पिछले दो वर्षों में वाहन पर हुए चालानों की रिपोर्ट तथा वाहन स्वामी की पिछले तीन वर्षों की आयकर रिटर्न रिपोर्ट भी देनी होगी। पूरी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के बाद ही वाहन का ट्रांसफर या पंजीकरण किया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि इन सख्त प्रावधानों का उद्देश्य यात्रा को सुव्यवस्थित बनाना, फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाना और स्थानीय व्यवसायियों के हितों की रक्षा करना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
 


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