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 उत्तराखंड परिवहन सुधार में बना नंबर वन, केंद्र से 125 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मंजूर

  • Tapas Vishwas
  • February 21, 2026 09:02 AM
Uttarakhand becomes number one in transport reforms, Centre approves incentive of Rs 125 crore

देहरादून। राज्य में परिवहन क्षेत्र में लागू किए जा रहे तकनीक आधारित व्यापक सुधारों को बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश योजना (SASCI) 2025-26 के तहत उत्तराखंड को 105.11 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त अप्रैल माह से पहले लागू किए गए सुधारों के लिए 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी मंजूर की गई है। इस प्रकार कुल 125 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि परिवहन विभाग को प्राप्त हुई है। परिवहन सुधारों के क्षेत्र में यह उपलब्धि राज्य को देश में अग्रणी स्थान पर स्थापित करती है।

केंद्र से मिली इस स्वीकृति पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में परिवहन व्यवस्था को स्मार्ट, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट सिस्टम और वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क सुरक्षा को मजबूती मिली है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार ने हाई-रिस्क, हाई-डेंसिटी और क्रिटिकल जंक्शनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट सिस्टम लागू किए हैं। इसके तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिन्हें ट्रैफिक कंट्रोल रूम और ई-चालान प्रणाली से जोड़ा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 20 स्थानों पर नए ANPR कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि पूरे राज्य में अब तक 37 लोकेशनों पर यह प्रणाली सक्रिय है। इन कैमरों के माध्यम से ट्रिपल राइडिंग, ओवरस्पीडिंग और बिना हेलमेट जैसे मामलों में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक ई-चालान जारी किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां ANPR कैमरों के माध्यम से ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है। इस प्रणाली के तहत वाहनों को रोके बिना ही फास्टैग वॉलेट से ग्रीन सेस स्वतः कटकर संबंधित खाते में जमा हो जाता है, जिससे समय की बचत और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो रही है। वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों में निस्तारित करने पर प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। इस प्रमाण पत्र के आधार पर नए वाहन की खरीद पर विभिन्न श्रेणियों में रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 564 सरकारी और 5861 निजी वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। कुल 6425 वाहनों के लिए 9.58 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (ATS) की स्थापना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दो एटीएस को प्रीलिमिनरी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए जाने पर 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक आधारित इन सुधारों के माध्यम से राज्य में सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित की जाए।


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