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बांग्लादेश में तनावः चुनाव बाद फिर सड़कों पर उतरे छात्र! विवि के कैंपसों पर किया कब्जा

  • Awaaz Desk
  • February 14, 2026 07:02 AM
Tension in Bangladesh: Students take to the streets again after elections, occupying university campuses

नई दिल्ली। बांग्लादेश से एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां संसदीय चुनावों के बाद फिर से हिंसा और बवाल शुरू हो गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की भारी जीत के बाद राजनीतिक हिंसा और छात्र राजनीति में तनाव बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक बीएनपी की छात्र इकाई जतियोताबादी छात्र दलों ने कई प्रमुख विश्वविद्यालयों के कैंपस और हॉस्टलों पर कब्जा कर लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्र दल के कार्यकर्ताओं ने दूसरे राजनीतिक दलों, खासकर जमात-ए-इस्लामी और अन्य छोटे संगठनों के समर्थित छात्रों को हॉस्टलों से जबरन बाहर निकाल दिया है। बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी, राजशाही यूनिवर्सिटी और जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख संस्थानों में यह घटनाएं सामने आई हैं। बीएनपी छात्र दल के सदस्यों ने हॉस्टल रूमों पर तालाबंदी कर दूसरे दलों के समर्थक छात्रों के सामान बाहर फेंक दिए और विरोध करने वालों पर हमले भी किए जाने की खबरें हैं। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि यह कब्जा चुनावी जीत के बाद सत्ता के नए संतुलन को कैंपस पर थोपने की कोशिश है। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमारे हॉस्टल से रातों-रात निकाल दिया गया। वे कह रहे हैं कि अब कैंपस पर केवल बीएनपी समर्थक ही रहेंगे। वहीं बीएनपी नेतृत्व ने दूसरे दलों के छात्रों को हॉस्टल और कैंपस से बाहर निकाले जाने के इन आरोपों को खारिज कर दिया है। बीएनपी ने कहा कि यह छात्रों के बीच सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पिछले शासन में छात्र लीग (अवामी लीग की छात्र इकाई) ने कैंपस पर आतंक मचाया था। अब हम शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित कर रहे हैं। हालांकि जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई इस्लामी छात्र शिबिर ने इसे फासीवादी कदम करार दिया और विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। यह घटनाक्रम 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद की अस्थिरता को दर्शाता है, जब शेख हसीना का शासन गिरा था। तब छात्र लीग के सदस्यों को कैंपस से निकाला गया था। अब सत्ता परिवर्तन के साथ छात्र दल ने वही रणनीति अपनाई है। 


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