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केदारनाथ धाम में अब भी जमी है 4 फीट बर्फ, यात्रा तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कसी कमर

  • Tapas Vishwas
  • March 27, 2026 11:03 AM
4 Feet of Snow Still Blankets Kedarnath Dham; Administration Gears Up for Pilgrimage Preparations.

केदारनाथ। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश और बर्फबारी के कारण धाम अभी भी सफेद चादर से ढका हुआ है। शुक्रवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने केदार सभा के अध्यक्ष, बीकेटीसी के प्रतिनिधियों तथा हक-हकूकधारियों के साथ धाम का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि केदारनाथ धाम क्षेत्र में वर्तमान में 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है। भारी बर्फबारी यात्रा की तैयारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसे हटाने के लिए संबंधित विभागों की टीमों को युद्धस्तर पर सक्रिय कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जैसे ही मुख्य रास्तों और बाजार क्षेत्र से बर्फ हटा ली जाएगी, धाम में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही, यात्रा शुरू होने से पहले पेयजल, विद्युत आपूर्ति, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं। धाम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि विषम परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। वर्तमान में धाम में पुलिस के 3 और आईटीबीपी (ITBP) के 12 जवान तैनात हैं, जो व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। यात्रा शुरू होने पर सुरक्षा घेरे को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के आवागमन, ठहरने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मौसम के मिजाज ने इस बार सबको चौंका दिया है। मार्च के शुरुआती पखवाड़े में जहां भीषण गर्मी ने तेवर दिखाए थे, वहीं तीसरे सप्ताह की बर्फबारी ने बीते 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार, मार्च का चौथा सप्ताह पिछले एक दशक में सबसे ठंडा दर्ज किया गया। जहां मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य है, वहीं पहाड़ों में पारा सामान्य से नीचे गिरने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसी ठंड और बर्फबारी के बीच प्रशासन यात्रा को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


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