ऊधम सिंह नगर में ग्रीष्मकालीन धान पर एक्शन, गदरपुर में नर्सरी नष्ट,कईयों के बीज जब्त,विरोध के बाद किसानों से लिया शपथ पत्र
रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में ग्रीष्मकालीन धान की अवैध खेती के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। गदरपुर तहसील क्षेत्र में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए धान की नर्सरी नष्ट कर दी और बड़ी मात्रा में बीज जब्त किए। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर किसानों का विरोध भी सामने आया, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें शासन के नियमों की जानकारी देते हुए शपथ पत्र लिया। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व गदरपुर के उपजिलाधिकारी ने किया, जिनके साथ तहसीलदार, राजस्व विभाग की टीम तथा कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। तहसील गदरपुर के मदनपुर क्षेत्र में लगभग 0.151 हेक्टेयर भूमि पर तैयार की गई ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित भूमि पर बिना अनुमति धान की पौध तैयार की गई थी। इसके अलावा रोपाई के लिए रखे गए लगभग एक कुंतल धान के बीज को भी जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की अनुमति के बिना ग्रीष्मकालीन धान की खेती नियमों का उल्लंघन है।
इसके बाद प्रशासनिक टीम बरीराई क्षेत्र पहुंची, जहां करीब 0.405 हेक्टेयर भूमि पर धान की पौध बोई गई थी। यहां कार्रवाई के दौरान कुछ किसानों ने तीव्र विरोध जताया और इसे अपनी आजीविका से जुड़ा मुद्दा बताया। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक किसानों को शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी और प्रतिबंध के पीछे के कारण समझाए। कृषि अधिकारी बी.के. यादव ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति केवल उन्हीं क्षेत्रों में दी जाती है जहां भूमि दलदली हो और अन्य कोई फसल उगाना संभव न हो। सामान्य कृषि भूमि पर बिना प्रशासनिक स्वीकृति धान की बुवाई जल संरक्षण और फसल चक्र संतुलन की नीति के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर की रक्षा करना और सीमित जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना है। समझाइश के बाद किसानों ने सहायक कृषि अधिकारी अनिल अरोड़ा को लिखित शपथ पत्र सौंपा। शपथ पत्र में किसानों ने उल्लेख किया कि यदि 7 मार्च तक शासन से विधिवत अनुमति प्राप्त नहीं होती है तो वे स्वयं धान की पौध नष्ट कर देंगे या प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध नहीं करेंगे। अभियान के अंत में प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों से अपील की कि वे बिना अनुमति ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई न करें। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।