हरिद्वार में अमित शाह की हुंकार: केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को खदेड़ेंगे, 1100 करोड़ की योजनाओं का किया शिलान्यास
हरिद्वार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जहां उत्तराखंड की धामी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, वहीं विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और केदारनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने का काम किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह अपने हरिद्वार दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने मंच से उत्तराखंड के युवाओं, पुलिस बल और विभिन्न योजनाओं से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। साथ ही आगामी चुनावों को लेकर भी कार्यकर्ताओं और जनता से समर्थन की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए पांच हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। इनमें बलूचिस्तान के शैलेश, पाकिस्तान के जसपाल कुमार और दुर्गा राजपूत, तथा अफगानिस्तान की हंसेरी बाई शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड पुलिस में नई भर्ती के पांच आरक्षियों को औपचारिक नियुक्ति पत्र भी सौंपे। राज्य में हाल ही में करीब 2000 आरक्षियों की भर्ती की गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने डिजिटल माध्यम से 1100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों पर आधारित “विकल्प रहित संकल्प” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक का संपादन गिरिजा शंकर जोशी द्वारा किया गया है। कार्यक्रम में अमित शाह ने डिजिटल बटन दबाकर उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की। इस प्रणाली के माध्यम से अब कोई भी व्यक्ति 1930 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर ई-जीरो एफआईआर दर्ज करा सकेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले में दर्ज पहली ई-जीरो एफआईआर की कॉपी भी गृह मंत्री को भेंट की। इस प्रणाली को कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने उत्तराखंड की पवित्र धरती को नमन करते हुए चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—सहित हेमकुंड साहिब जैसे तीर्थ स्थलों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
अमित शाह ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय देवभूमि को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। उस समय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने आंदोलनकारियों पर दमन किया था। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना को उत्तराखंड के लोग आज भी नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे नए राज्यों का गठन किया और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन राज्यों को विकास के नए आयाम दे रहे हैं। गृह मंत्री ने युवाओं को देश का “जिगर का टुकड़ा” बताते हुए उनसे नए आपराधिक कानूनों से संबंधित प्रदर्शनी देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय के 150 साल पुराने कानूनों को हटाकर नए कानून लागू किए गए हैं, जिससे न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी और तेज बनेगी। उन्होंने दावा किया कि नए कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद तीन साल के भीतर पीड़ित को न्याय मिल सकेगा। अमित शाह ने उत्तराखंड सरकार के नकल विरोधी कानून की सराहना करते हुए कहा कि इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार होता था और “पर्ची के साथ खर्ची” की संस्कृति चलती थी। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। अमित शाह ने विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा और बसपा—पर सीएए का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक इन शरणार्थियों को नागरिकता नहीं दी गई, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें सम्मान के साथ नागरिकता देने का फैसला किया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चाहे जितना विरोध किया जाए, सरकार अपने लोगों को नागरिकता देकर रहेगी। अमित शाह ने दावा किया कि 2026 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भाजपा और एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने उत्तराखंड की जनता से 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि 2027 में हरिद्वार कुंभ के साथ ही उत्तराखंड में भाजपा की सरकार भी बनेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि हरिद्वार का कुंभ पूरे भारत की शान है और इसके लिए बजट देना कोई उपकार नहीं बल्कि सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आने वाला कुंभ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाला होगा। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है। अमित शाह ने कहा कि सीमांत गांवों से पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार ने विशेष योजनाएं शुरू की हैं, जिनका सबसे अधिक लाभ उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों को बसाने की राजनीति करती है, जबकि धामी सरकार ने राज्य में 10 हजार से अधिक अतिक्रमण हटाए हैं। उन्होंने दोहराया कि केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान चलाया जाएगा। अमित शाह ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए और यह व्यवस्था जनसांख्यिकीय असंतुलन को भी दूर करने में मदद करेगी। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी है। उन्होंने चारधाम महामार्ग परियोजना, सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार सहित कई विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। इस अवसर पर मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय टम्टा, अनिल बलूनी, माला राजलक्ष्मी शाह, अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई वरिष्ठ नेता और मंत्री उपस्थित रहे। सभा के अंत में अमित शाह ने जनता से भाजपा सरकार को फिर से समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाया जाएगा।