मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतराः ईरान ने ड्रोन से दुबई एयरपोर्ट को बनाया निशाना! धमाकों की आवाज से सहमे लोग
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध आठवें दिन भी जारी है। इस बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सरकारें ईरान और उसके लोगों पर क्रूर और व्यापक हमले जारी रखे हुए हैं। उन्होंने जानबूझकर नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। ईरानी शहरों पर अंधाधुंध हमले किए जा रहे हैं। घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। वे घनी आबादी वाले नागरिक क्षेत्रों में 2,000 पाउंड के बम गिरा रहे हैं। उनका इरादा स्पष्ट है, नागरिकों को आतंकित करना, निर्दोष लोगों का नरसंहार करना और अधिकतम विनाश और पीड़ा पहुंचाना। उनका यह दावा कि उन्होंने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, झूठ और निराधार है। इस आपराधिक युद्ध को तत्काल रोकने के लिए सुरक्षा परिषद को बार-बार पत्र लिखने के बावजूद, परिषद चुप रही है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार अब तक कम से कम 1,332 नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैंए अपनी जान गंवा चुके हैं। हजारों लोग घायल हुए हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। खबरों के मुताबिक हवाई अड्डों, स्कूलों, अस्पतालों, स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों, आवासीय भवनों, खेल सुविधाओं, मस्जिदों, राजनयिक पुलिस मुख्यालयों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया गया है और नष्ट कर दिया गया है। अब तक पूरे ईरान में 180 से अधिक बच्चे मारे गए हैं। इस आपराधिक युद्ध के परिणामस्वरूप देशवासियों ने अपनी जान गंवाई है। 20 से अधिक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, 13 स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं पर हमले हुए हैं। एक न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के कई इलाकों में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। धमाकों का कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका, हालांकि ये घटनाएं चल रहे सैन्य तनाव और ईरानी राजधानी में कथित हवाई हमलों के बीच घटी हैं।