बड़ी खबरः नशा-मुक्त उत्तराखंड अभियान! शासन-प्रशासन हुआ सख्त, डीएम बंसल ने कही बड़ी बात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विज़न ‘नशा-मुक्त उत्तराखंड’ को साकार करने के लिए शासन-प्रशासन ने कार्यवाही तेज कर दी है। युवाओं को सही दिशा में अग्रसित करना इस मिशन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। इसके लिए शिक्षा और खेल को प्राथमिकता बनाते हुए युवाओं को नशे और कुरीतियों से दूर रखने पर विशेष बल दिया जा रहा है। आज समाज में फैल रही गलत प्रवृत्तियां और नशे का जाल युवाओं को भटकाने का काम कर रहा है। इसके चलते डिमांड-सप्लाई पोज़ीशन और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार गंभीर होती जा रही हैं। इसे रोकने के लिए शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सख़्त क़ानूनी कार्यवाही के साथ-साथ बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
डीएम सविन बंसल ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी यूनिवर्सिटी में नशे से संबंधित वारदात सामने आती है, तो केवल विद्यार्थी या सप्लायर्स ही नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी के डीन और प्रिंसिपल्स को भी समान रूप से जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही हेल्पलाइन और टोल-फ्री नंबर प्रणाली को और मज़बूत किया जा रहा है। ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और मल्टीपल हेल्पलाइन्स शुरू की जा रही हैं। इससे एक डेडिकेटेड कॉल सेंटर तैयार होगा, जहां हर शिकायत पर तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।