टोंक में कंबल वितरण बना विवाद का कारणः पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया पर धर्म पूछकर कंबल लौटाने का आरोप! वीडियो वायरल होने के बाद सियासत गरमाई
नई दिल्ली। राजस्थान के टोंक से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सियासत गरमा दी है। यहां कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता और पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया पर मुस्लिम महिलाओं से भेदभाव करने का आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में सुखबीर सिंह जौनापुरिया धर्म पूछकर महिलाओं से कंबल वापस लेते और उन्हें वहां से लौटने को कहते दिख रहे हैं। वीडियो में वह कहते सुनाई देते हैं कि जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल नहीं मिलेगा। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने विरोध जताया, तो पूर्व सांसद की गाड़ी में बैठते समय स्थानीय लोगों से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विक्रम चौधरी तुरंत पीड़ित परिवार के पास पहुंचे। उन्होंने न केवल परिवार को कंबल भेंट किए, बल्कि जौनापुरिया पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अपनी ओछी मानसिकता द्वारा जिस तरीके से एक धर्म विशेष को लेकर जो अपमान किया है यह किसी व्यक्ति विशेष या धर्म विशेष का नहीं है, बल्कि पूरे टोंक जिले के हर उस व्यक्ति का अपमान है, जो स्वाभिमान रखता है। उन्होंने आगे कहा कि टोंक में भाईचारे की मिसाल कायम है। ऐसे में छंटनी कर कंबल नहीं देना है। आप अपने सारे कंबल ले जाओ, हमको आपका एक भी कंबल नहीं चाहिए। कंबल हम खुद भी ला सकते हैं। आपने कंबल देकर वापस ले लिया, जो अपमान किया है, उसे हम भूल नहीं सकते हैं। आप अपनी ओछी मानसिकता गुड़गांव तक सीमित रखो। यह टोंक है, यहां मत चलाओ। यह कोई राजनीति खेलने का मंच नहीं है। आप लड़ाकर वोट बांटने का काम कर रहे हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आपको ऐसा सबक सिखाएंगे कि आपकी पीढ़ियां याद रखेंगी। आप अपना कंबल ले जाओ, काजू कतलियां, लुगडिया बांटी है, हम पूरे क्षेत्र से भीग मांगेंगे, लेकिन लौटा देंगे।
माफी मांगने की चेतावनी
वहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अकबर खान ने भी पूर्व सांसद जौनापुरिया से इस पूरे मामले में माफी मांगने की चेतावनी दी है। इधर विवाद बढ़ने पर सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने मुस्लिम महिलाओं को कंबल नहीं देने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम उचित था। उन्होंने कहा कि एक विशेष धर्म के लोग मोदी विरोधी हैं और उनके बारे में निराधार टिप्पणियां करते रहते हैं। यह भी सच नहीं है कि सभी हिंदू भाजपा का समर्थन करते हैं, लेकिन क्या किसी विशेष धर्म के लोग कभी मोदी की रैली में आएंगे। जौनपुरिया ने दावा किया कि वह अपने कम्युनिटी किचन से भोजन वितरित करते समय या स्कूलों में छात्र छात्राओं को अध्ययन सामग्री वितरित करते समय कोई भेदभाव नहीं करते।