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सावधान: होली का उल्लास बेरंग न कर दें रसायन युक्त रंग, बढ़ सकता है एलर्जी का खतरा

  • Tapas Vishwas
  • March 01, 2026 12:03 PM
Caution: Don't let chemical colours spoil the joy of Holi, as they can increase the risk of allergies.

देहरादून। होली का उल्लास कहीं रसायनयुक्त रंगों की वजह से बेरंग न हो जाए, इसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दून अस्पताल के नेत्र एवं त्वचा रोग विभाग के चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि केमिकल युक्त रंग आंखों और त्वचा के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं।

दून अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज सारस्वत ने बताया कि रासायनिक रंगों के आंखों में जाने से एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसका सबसे अधिक असर कॉर्निया और कंजेक्टिवाइटा पर पड़ता है। यदि रंग के कण आंखों में चले जाएं और व्यक्ति घबराहट में आंखों को मसल दे, तो इससे अंदर घाव तक बन सकता है। आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और पानी आना इसके शुरुआती लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत साफ पानी से आंखें धोनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार रसायनयुक्त रंगों से एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस (एसीडी) का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके चलते त्वचा पर लाल दाने, तेज खुजली, जलन और त्वचा का छिलना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों और बच्चों में इसका असर ज्यादा देखा जाता है।

आंखों की सुरक्षा के लिए सुझाव
हर्बल और प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलें।
आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का प्रयोग करें।
रंग जाने पर आंखों को तुरंत साफ पानी से धो लें।
आंखों को रगड़ने या मसलने से बचें।

त्वचा की सुरक्षा के लिए उपाय
होली खेलते समय शरीर के अधिकतर हिस्सों को कपड़ों से ढक कर रखें।
रंग खेलने से पहले त्वचा पर मॉइस्चराइजर या नारियल तेल लगाएं।
बच्चों को पक्के और गहरे रंगों से दूर रखें।

डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सावधानी बरतकर होली को सुरक्षित और आनंदमय बनाया जा सकता है। प्राकृतिक रंगों का प्रयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। विशेषज्ञों ने अपील की है कि त्योहार की खुशी को बनाए रखने के लिए जागरूकता और सतर्कता दोनों जरूरी हैं।
 


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