पंतनगर विवि परिसर शर्मसार: सुरक्षा गार्ड ने 12 वर्षीय किशोरी से किया दुष्कर्म का प्रयास, पुलिस ने आरोपी को दबोचा, लोगों में भारी आक्रोश
पंतनगर। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग में तैनात एक ठेका सुरक्षा गार्ड ने पड़ोस में रहने वाली 5वीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इस घिनौनी करतूत के बाद पूरे विवि परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों व स्थानीय निवासियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम की है। आरोपी सुरक्षा गार्ड, जिसकी पहचान जंग बहादुर (निवासी बदायूँ, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, नशे में धुत था। उसने पड़ोस में रहने वाले एक विवि कर्मी की 12 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर परिसर के ही एक सुनसान और बंद पड़े सरकारी आवास में ले गया। वहाँ आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। जैसे ही बच्ची के गायब होने और संदिग्ध गतिविधि की भनक आसपास के लोगों को लगी, उन्होंने तुरंत विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी अलर्ट हुए और घेराबंदी कर बंद आवास से बालिका को सुरक्षित बरामद किया। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही आरोपी जंग बहादुर वहाँ से फरार होने में कामयाब रहा। शनिवार सुबह परिजनों की तहरीर पर पंतनगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि पुलिस टीमों ने तलाश शुरू की और आरोपी को झा-कॉलोनी स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जंग बहादुर विवि के सुरक्षा विभाग में ठेके पर कार्यरत था और उसे रूबी किराना के पास सरकारी आवास आवंटित था। इस घटना के बाद पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर के निवासियों में गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा के जिम्मेदार ही ऐसी वारदातों को अंजाम देंगे, तो बेटियां कहाँ सुरक्षित रहेंगी। प्रदर्शनकारी स्थानीय निवासियों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई और ठेका कर्मियों के चरित्र सत्यापन की मांग की है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाने के साथ ही मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवा दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।