ज्योति अधिकारी से बोले सीएम धामी मेरी छोटी बहन की तरह हैं आप! मुकदमे वापस लेने का दिया आश्वासन
हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर कथित अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर विवादों में घिरी व्लॉगर ज्योति अधिकारी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की हालिया मुलाकात ने नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री ने ज्योति को “छोटी बहन” का संबोधन देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन दिया है। इस घटनाक्रम को मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ज्योति अधिकारी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने कोई वीडियो व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं बनाया था। उनके अनुसार, अन्य लोगों ने उनके वीडियो को अपने चैनलों पर प्रसारित किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जो कुछ कहा गया, वह नादानी में कहा गया और इसके लिए उन्होंने क्षमा याचना की। ज्योति ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी की। मुख्यमंत्री धामी ने मुलाकात के दौरान उन्हें समझाते हुए कहा कि वे उन्हें अपनी छोटी बहन की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा, “जहां मेरी जरूरत पड़ेगी, मैं बड़े भाई के रूप में साथ रहूंगा। आप पर लगे मुकदमे जल्द ही वापस लिए जाएंगे।” मुख्यमंत्री ने साथ ही यह भी नसीहत दी कि ऊर्जा और जोश सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही मुद्दों को सही तरीके से उठाना जरूरी है। सीएम ने ज्योति से कहा, “तुम बहुत ऊर्जावान हो। पहाड़ की बहन-बेटियों और प्रदेश के मुद्दों को उठाती हो, लेकिन उन्हें सामने रखने का तरीका शालीन होना चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। गौरतलब है कि ज्योति अधिकारी कुछ समय पहले अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए देहरादून में आयोजित रैली में शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने दरांती लहराते हुए विवादित बयान दिया था, जिससे सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई। उन पर कुमाऊंनी महिलाओं और उत्तराखंड के देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप भी लगे। इसके बाद हल्द्वानी समेत विभिन्न स्थानों पर उनके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से दो मामलों में उन्हें जेल भी जाना पड़ा, जबकि शेष पांच मामलों में 20 जनवरी को उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बाद में उन्हें जमानत मिल गई। ज्योति अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद अब यह देखना होगा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत मुकदमों की वापसी की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, इस मुलाकात ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।