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पिथौरागढ़ और चंपावत में हाई अलर्ट, नेपाल चुनाव के मद्देनजर 72 घंटे के लिए भारत-नेपाल सीमा सील

  • Tapas Vishwas
  • March 01, 2026 12:03 PM
Pithoragarh and Champawat on high alert; India-Nepal border sealed for 72 hours ahead of Nepal elections

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों पिथौरागढ़ और चंपावत में सुरक्षा व्यवस्था को अचानक बेहद सख्त कर दिया गया है। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन भारत-नेपाल सीमा को 72 घंटे के लिए पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। सीमा से सटे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने बताया कि सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राज्य पुलिस को 5 मार्च तक विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। इस मुस्तैदी का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही या संभावित अराजकता को रोकना है, ताकि शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन के अनुसार 2 मार्च से 5 मार्च तक सभी सात सीमा पुलों को बंद रखा जाएगा। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां अवैध रास्तों पर भी कड़ी नजर रखेंगी। नदी किनारों, जंगलों और अन्य गुप्त मार्गों पर गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि उपद्रवी तत्वों की संभावित घुसपैठ को रोका जा सके। सीमावर्ती गांवों में पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

यह कदम नेपाल के सीमावर्ती जिलों दार्चुला और बैताड़ी के मुख्य जिला अधिकारियों के विशेष अनुरोध के बाद उठाया गया है। नेपाल सरकार ने 5 मार्च को होने वाले मतदान के मद्देनजर भारत से सहयोग की अपेक्षा जताई थी। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए भारतीय प्रशासन ने सीमाओं पर चौकसी दोगुनी कर दी है। इसी तरह चंपावत जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद किया गया है। चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि नेपाल के ददेलधुरा जिले के अधिकारियों ने भी शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा था। इसके बाद जिले के सभी उपजिलाधिकारियों को सीमा क्षेत्रों में निगरानी सख्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरहद पर तैनात सुरक्षा बल अब हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर पैनी नजर रख रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। सीमा सील करने का यह निर्णय अस्थायी है और चुनाव प्रक्रिया समाप्त होते ही हालात की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क मोड पर है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम रहें।
 


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