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धामी सरकार के 4 साल: यूसीसी से महिला सशक्तीकरण तक,फैसलों ने दिलाई नई पहचान

  • Tapas Vishwas
  • March 23, 2026 09:03 AM
Cuatro años de gobierno de Dhami: desde el Código Civil Uniforme hasta el empoderamiento de las mujeres, las decisiones dieron una nueva identidad.

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लेकर राज्य को नई पहचान दिलाने का दावा किया है। सरकार के अनुसार इन निर्णयों ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि विकास और सुशासन को भी नई दिशा दी है।

सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करना माना जा रहा है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने यूसीसी को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया। इसके अलावा राज्य में सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू किए गए, जिन्हें सरकार कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के लिए अहम मानती है। युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून का असर भी देखने को मिला है। सरकार का दावा है कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ा है। शिक्षा क्षेत्र में भी बदलाव करते हुए मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया, जो अब शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम को नियंत्रित करेगा। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसे सरकार कानून के राज और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। महिला सशक्तीकरण को सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया गया है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया, जबकि सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का संकेत है। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ जैसी पहल के जरिए महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त करने का प्रयास किया गया है। अवस्थापना विकास के क्षेत्र में भी सरकार ने सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। इससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया है। कुल मिलाकर, धामी सरकार अपने चार साल के कार्यकाल को उपलब्धियों और बड़े फैसलों से भरा मान रही है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है और विकास को गति मिली है। अब आने वाले समय में इन योजनाओं के जमीनी असर और स्थायित्व पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
 


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