देहरादूनऔर नैनीताल में नशा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, चार तस्कर गिरफ्तार, लाखों की स्मैक बरामद
हल्द्वानी/देहरादून: उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। काठगोदाम और विकासनगर क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लाखों रुपये की स्मैक बरामद की है। नैनीताल जिले में काठगोदाम थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया। मनोज कत्याल के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की खेप सप्लाई होने वाली है। इस पर टीम गठित कर वन विभाग के जू डंपिंग जोन बागजाला के पास चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए, जिन्हें रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से कुल 91.10 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 27 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद सिंह रावत और रोहित थापा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आनंद सिंह के पास से 68.35 ग्राम और रोहित थापा के पास से 22.75 ग्राम स्मैक बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे स्मैक को सितारगंज के शक्तिफार्म क्षेत्र के एक व्यक्ति से खरीदकर हल्द्वानी में बेचते थे। पुलिस अब इस सप्लायर की तलाश में जुट गई है। मुख्य आरोपी आनंद सिंह रावत के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।
वहीं देहरादून जिले में भी पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। कुंजाग्रांट क्षेत्र में थाना विकासनगर पुलिस ने 50 वर्षीय रूखसाना नामक महिला को 14.58 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा। पूछताछ में महिला ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते वह नशा बेचने का काम करने लगी थी और राह चलते लोगों को स्मैक बेचती थी। पुलिस के अनुसार आरोपी महिला पहले भी एनडीपीएस एक्ट में जेल जा चुकी है। इसके अलावा सहसपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने होरावाला रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास से राकिब (32) नामक युवक को 6.31 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। साथ ही नशा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।