देहरादून एयरपोर्ट पर 'डिजी यात्रा' का आगाज़: चेहरा दिखाते ही मिलेगी एंट्री, केंद्रीय मंत्री ने किया शुभारंभ
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य हवाई अड्डे, जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। अब यात्रियों को लंबी कतारों और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिल गई है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राजकोट एयरपोर्ट से वर्चुअल माध्यम से देहरादून सहित देश के कुल आठ हवाई अड्डों पर 'डिजी यात्रा' सुविधा का विधिवत शुभारंभ किया।
वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि 'डिजी यात्रा' नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पूरी तरह से पेपरलेस यात्रा की शुरुआत है, जिससे यात्रियों के समय की काफी बचत होगी। अब यात्रियों को गेट पर फिजिकल आईडी दिखाने या बोर्डिंग पास की हार्ड कॉपी लेकर लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। इस डिजिटल तकनीक के जरिए यात्री का चेहरा ही उसकी पहचान बनेगा। डिजी यात्रा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने मोबाइल पर 'डिजी यात्रा' ऐप डाउनलोड करना होगा। इसमें आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और यात्रा का विवरण (फ्लाइट डेटा) भरना होगा। एयरपोर्ट पहुँचने पर डिजी गेट पर लगे कैमरों के सामने चेहरा दिखाते ही यात्री की पहचान स्वतः सत्यापित हो जाएगी और उसे सीधे एंट्री मिल जाएगी। यह तकनीक बायोमेट्रिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है। देहरादून एयरपोर्ट पर केवल डिजी यात्रा ही नहीं, बल्कि यात्रियों के अनुभव को सुखद बनाने के लिए कई अन्य सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया। अब एयरपोर्ट परिसर में फ्लाईब्रेरी (हवाई पुस्तकालय), फ्री हाई-स्पीड वाईफाई और बच्चों के लिए किड्स जोन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे फ्लाइट का इंतजार कर रहे यात्रियों और बच्चों को बेहतर माहौल मिल सकेगा। आज आयोजित इस भव्य वर्चुअल कार्यक्रम से देश के कुल 57 एयरपोर्ट जुड़े, जहां विभिन्न आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, डिजी यात्रा के शुरू होने से सुरक्षा जांच की प्रक्रिया तेज होगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इन आधुनिक सुविधाओं से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी।