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उत्तराखंड के सबसे बड़े घोटाले एलयूसीसी पर हाईकोर्ट में सुनवाई! पेश होगी जांच रिपोर्ट

  • Tapas Vishwas
  • March 18, 2026 10:03 AM
High Court Hearing on Uttarakhand's Biggest Scam—LUCC! Investigation Report to be Presented.

नैनीताल। उत्तराखंड के सबसे बड़ी वित्तीय ठगी में से एक लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के मामले पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति शिद्धार्थ साह की खण्डपीठ ने अगली सुनवाई हेतु 18 मार्च यानी आज की तिथि नियत की है। साथ में कोर्ट ने अब तक की गयी जांच की रिपोर्ट्स 18 मार्च बुधवार 2026 तक कोर्ट में पेश करने को कहा है। पूर्व में कोर्ट ने चिटफंड कम्पनी एलयूसीसी के संचालकों द्वारा प्रदेश के नागरिकों को अपने स्थानीय एजेंटों के माध्यम 800 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाकर फरार होने और इस मामले की सीबीआई से जांच कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने यह भी कहा था कि जिन लोगों का पैसा लेकर कम्पनी फरार हो चुकी है, वे लोग अपनी शिकायत सीबीआई को दे सकते हैं। 

वहीं राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अभी तक शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायत करने पर कम्पनी और उसके संचालकों के ऊपर कई मामले दर्ज हो चुके हैं। अन्य की जांच चल रही है। इसका विरोध करते हुए 27 पीड़ितों की तरफ से कहा गया कि पुलिस ने अभी तक उनका मुकद्दमा दर्ज तक नहीं नहीं किया। जब तक मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तब तक उनका डूबा हुआ पैसा वापस नहीं मिलेगा। इस पर कोर्ट ने उनसे कहा कि वे अपनी शिकायत सीबीआई को दें। साथ में धनराशि देने के प्रमाण पत्र भी उस शिकायत में संग्लन करें. इस मामले में देहरादून और ऋषिकेश समेत कई स्थानों के पीड़ितों की तरफ से जनहित और एक अन्य याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। गौरतलब है कि 28 नवंबर 2025 को एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी) के 800 करोड़ के घोटाले में सीबीआई/एसीबी देहरादून ने 46 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था। सोसायटी के सदस्यों के खिलाफ प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में 18 मुकदमे दर्ज हैं। घोटाले में एक जून 2024 को तृप्ति नेगी की ओर से कोतवाली कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल में दी लिखित शिकायत के आधार पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। एयूलसीसी ने उत्तराखंड में 35 शाखाएं खोली थीं। जिसमें लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसा जमा कराया गया। विदेश में सोना, तेल, रिफाइनरी सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश कर मुनाफे का भी लालच दिया गया। कुछ लोगों की निवेश की गई राशि परिपक्व होने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं लौटाया गया। पूर्व में इस मामले में पुलिस कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। 


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