रुड़की में बड़ी कार्रवाई: सेना की वर्दी का प्रतिबंधित कपड़ा बेचते दुकानदार धराया, 400 मीटर थान बरामद,मुकदमा भी दर्ज
रुड़की। सेना की सुरक्षा और वर्दी के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में रुड़की पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को लालकुर्ती क्षेत्र में एक दुकान पर संयुक्त छापेमारी के दौरान सेना की वर्दी का प्रतिबंधित कपड़ा अवैध रूप से बेचते हुए एक दुकानदार को रंगे हाथ पकड़ा गया। टीम ने मौके से सेना के विशेष पैटर्न वाला लगभग 400 मीटर कपड़ा बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, आर्मी इंटेलिजेंस को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि लालकुर्ती स्थित एक दुकान पर बिना किसी आधिकारिक अनुमति और सैन्य पहचान पत्र की जांच किए सेना की वर्दी का कपड़ा खुलेआम बेचा जा रहा है। इस इनपुट के आधार पर सोमवार को आर्मी इंटेलिजेंस और सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान पर छापा मारा, जहां प्रतिबंधित कपड़े का भारी स्टॉक पाया गया। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि उक्त दुकानदार के पास सेना की वर्दी या उसका कपड़ा बेचने के लिए आवश्यक अधिकृत लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने दुकानदार को हिरासत में ले लिया है और बरामद कपड़े को जब्त कर लिया गया है। प्रभारी ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित वर्दी या कपड़ा बेचना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर अपराध है, इसलिए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है।बता दें कि हाल के वर्षों में आतंकी घटनाओं और घुसपैठ की कोशिशों में सेना की वर्दी के दुरुपयोग को देखते हुए केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय ने इसके कपड़ों की खुले बाजार में बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। केवल अधिकृत वेंडर ही सैन्य कर्मियों को उनके पहचान पत्र के आधार पर यह सामान बेच सकते हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से लालकुर्ती और आसपास के बाजार में हड़कंप मच गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुकानदार यह प्रतिबंधित कपड़ा कहां से लाया था और अब तक किन-किन लोगों को इसे बेचा जा चुका है।