टोपी पर सियासत: विधायक और पूर्व विधायक के समर्थकों में छिड़ी फोटो वॉर, सोशल मीडिया पर घमासान
रुद्रपुर। तकनीक का उपयोग जब राजनीति के अखाड़े में होता है, तो वह किस कदर दिलचस्प और विवादित हो सकता है,इसकी बानगी इन दिनों ऊधमसिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर में देखने को मिल रही है। यहां वर्तमान विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के समर्थकों के बीच 'एआई' (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के सहारे एक नई किस्म की 'टोपी की राजनीति' शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर दोनों गुटों के समर्थक आमने-सामने हैं। आरोप है कि समर्थकों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर एक-दूसरे के प्रिय नेताओं की पुरानी तस्वीरों में हेरफेर किया है। वायरल हो रही इन तस्वीरों में विरोधी खेमे के नेताओं को मुस्लिम समुदाय की टोपी पहने हुए दिखाया जा रहा है। तकनीक के जरिए चेहरों पर इतनी सफाई से टोपी फिट की गई है कि पहली नजर में यह असली प्रतीत होती हैं, जिसे लेकर शहर के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। तस्वीरें साझा करते ही फेसबुक पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। दोनों पक्षों के समर्थक अपनी-अपनी दलीलें पेश करते हुए एक-दूसरे पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। समर्थकों के बीच छिड़ी इस डिजिटल जंग ने विकास और स्थानीय मुद्दों को पीछे छोड़ दिया है और पूरी बहस अब 'टोपी' पर आकर टिक गई है। इस प्रकरण ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते दुरुपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और प्रबुद्ध वर्ग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या राजनीतिक विरोध जताने के लिए किसी के व्यक्तित्व के साथ छेड़छाड़ करना नैतिक रूप से सही है? बुद्धिजीवियों का मानना है कि इस तरह की 'फोटो वॉर' से सामाजिक सौहार्द पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, रुद्रपुर की इस डिजिटल टोपी की सियासत ने चुनावी माहौल से पहले ही तापमान बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि यह फोटो वॉर केवल फेसबुक तक सीमित रहती है या कानूनी मोड़ लेती है।