साहसिक पर्यटन का आगाज़: गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुले, विश्व प्रसिद्ध गौमुख-तपोवन ट्रैक पर अब जा सकेंगे पर्वतारोही
उत्तरकाशी। देश-दुनिया के पर्वतारोहियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शीतकाल के दौरान छह महीने तक बंद रहने के बाद, गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट अब पर्यटकों और साहसिक प्रेमियों के लिए विधिवत रूप से खोल दिए गए हैं। पार्क प्रशासन की इस घोषणा के साथ ही गंगोत्री ग्लेशियर की ऊंची चोटियों को फतह करने का रास्ता साफ हो गया है।
पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि गौमुख-तपोवन ट्रैक के कनखु बैरियर, प्रसिद्ध केदारताल ट्रैक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण नेलांग घाटी के बैरियरों को विधिवत खोल दिया गया है। पार्क खुलने के साथ ही अब देश-विदेश के ट्रेकर्स और पर्वतारोहण दल इन रूटों पर आवाजाही कर सकेंगे। गंगोत्री नेशनल पार्क न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह गंगोत्री ग्लेशियर के तहत विश्व की कई गगनचुंबी चोटियों को भी अपने घेरे में समेटे हुए है। इसके अलावा, इस पार्क का एक बड़ा हिस्सा भारत-चीन सीमा से सटा हुआ है, जो इसे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है। पर्वतारोहण सीजन शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और पोर्टर्स में भी काफी उत्साह है, क्योंकि यह क्षेत्र उनकी आजीविका का मुख्य केंद्र है। प्रशासन ने आने वाले पर्यटकों से हिमालय की स्वच्छता बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।