सैन्य सम्मान के साथ हुआ रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का अंतिम संस्कार, परिजनों से मिले सीएम धामी, कहा-दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे
देहरादून। राजधानी के जोहड़ी गांव में नाइट क्लब विवाद की क्रॉस फायरिंग में जान गंवाने वाले 70 वर्षीय सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का बुधवार को नम आंखों से अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पुत्र ने मुखाग्नि देकर अंतिम रस्में पूरी कीं। इस दौरान सेना के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भारी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
ब्रिगेडियर जोशी के निधन से उपजे जनाक्रोश और शोक के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं दिवंगत सैन्य अधिकारी के आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा, "यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक घटना है। इस अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी जो नजीर बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि प्रदेश में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अवांछित तत्वों और हुड़दंगियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आम जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदित हो कि 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के 'जेन जी क्लब' में बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया था। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो सवार युवकों ने क्लब स्टाफ की फॉर्च्यूनर कार पर अंधाधुंध फायरिंग की। दुर्भाग्यवश, उसी समय मॉर्निंग वॉक पर निकले ब्रिगेडियर मुकेश जोशी इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों ने धामी सरकार को लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर घेरा। बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुठालगेट चौकी इंचार्ज और सब-एक्साइज इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। पुलिस ने अब तक दोनों पक्षों से कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी दीपम सेठ स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। ब्रिगेडियर जोशी जैसे सम्मानित अधिकारी की इस तरह हुई मृत्यु से न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड में गहरा रोष है। जनता अब क्लबों के अवैध संचालन और सड़कों पर बढ़ती गुंडागर्दी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।