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मिडिल ईस्ट में भड़का तनाव चरम परः एरबिल में ड्रोन हमले में फ्रांसीसी सैनिक की मौत! ट्रंप की खुली धमकी, आज देखो इनका क्या हाल होता है...

  • Awaaz Desk
  • March 13, 2026 05:03 AM
Tensions in the Middle East are escalating: a French soldier killed in a drone strike in Erbil! Trump issues an open threat: "Let's see what happens to them today..."

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर बैठा दिया है। इसी बीच इराक के कुर्द इलाके एरबिल में हुए घातक हमले ने हालात की गंभीरता और बढ़ा दी, जहां एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई। इस बात की जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट के जरिए दी। मैक्रों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अस्वीकार्य है। उन्होंने मृतक सैनिक के परिवार और साथियों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज 14वां दिन है। दोनों पक्षों की ओर से हमले लगातार तेज हो रहे हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद गुरुवार को पहला सार्वजनिक बयान जारी किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका को चेताते हुए कहा कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्यअड्डों को बंद कर दे वरना उन पर हमले जारी रहेंगे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमरीका ईरान के आतंकवादी शासन को सैन्य और आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना अब नहीं रही, मिसाइलें, ड्रोन और बाकी सब कुछ तबाह किया जा रहा है और उनके नेताओं को धरती के चेहरे से मिटा दिया गया है। हमारे पास अद्वितीय मारक क्षमता, असीमित गोला-बारूद और पर्याप्त समय है। आज इन पागल दुष्टों के साथ क्या होता है, उसे देखें। वो 47 सालों से पूरी दुनिया में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं और अब मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में, उन्हें मार रहा हूं। ऐसा करना कितने बड़े सम्मान की बात है। 
इधर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। सबसे हैरान करने वाला दावा है कि मोजतबा खामेनेई कोमा में हैं। उनका एक पैर भी काट दिया गया है और उनकी हालत बेहद संजीदा है। ये दावा ब्रिटिश अखबार द सन ने अपनी रिपोर्ट में किया है। द सन की ये रिपोर्ट उस समय सामने आई, जब कुछ घंटों पहले ही मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में हमले जारी रखे जाएंगे और होर्मुज स्ट्रेट की भी नाकेबंदी रहेगी। द सन ने ये रिपोर्ट अपने सूत्र के हवाले से चलाई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई की हालत बहुत खराब है और वह कोमा में है। वह अस्पताल में ईरान के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री मोहम्मद रजा जफरगंदी की निगरानी में हैं। जफरगंदी ईरान के टॉप सर्जन्स में से एक हैं।


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