सदन में प्रश्नकाल, जवाब से संतुष्ट नहीं हुए विपक्षी विधायक, मंत्री को घेरा
ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्वास्थ्य योजनाओं और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे मुद्दों पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरते हुए स्पष्ट जवाब की मांग की। हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आया और बार-बार पूरक सवाल उठाए गए। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष की ओर से अंशदान आधारित स्वास्थ्य योजना को लेकर सवाल उठाया गया। विधायकों ने पूछा कि इस योजना के लिए कितनी धनराशि का प्रावधान किया गया है, कर्मचारियों से कितना अंशदान प्राप्त हुआ है और तकनीकी कारणों से कितने कर्मचारियों का भुगतान लंबित है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने जवाब दिया, लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्री सीधे सवालों का स्पष्ट उत्तर देने से बच रहे हैं। इस पर सदन में कुछ देर के लिए तीखी बहस भी हुई। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितनी चर्चा करना चाहता है, सरकार उससे पीछे नहीं हटेगी और सदन में उठाए गए सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने कोई गलत काम नहीं किया है और सभी मुद्दों पर पारदर्शिता के साथ चर्चा होगी। सदन में खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। विधायक प्रेम चंद्र अग्रवाल और मुन्ना सिंह चौहान सहित कई सदस्यों ने हाट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इस पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि हाट-बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की भी नियमित जांच कराई जाएगी और खाद्य सुरक्षा विभाग इस दिशा में जल्द अभियान शुरू करेगा।
स्थानीय निकायों को खाद्य पदार्थों की जांच का अधिकार देने के मुद्दे पर भी सदन में चर्चा हुई। इस पर मंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पहलुओं को देखते हुए नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मियों की कमी पर उन्होंने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की तैनाती के लिए प्रतिनियुक्ति के माध्यम से आवेदन किया जाएगा, ताकि जांच व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। सत्र के दौरान गैरसैंण के विकास का मुद्दा भी चर्चा में रहा। भराड़ीसैंण में अवस्थापना विकास के कई कार्य चल रहे हैं, लेकिन अभी भी स्थायी राजधानी के सपने को साकार करने के लिए काफी काम बाकी है। कर्मचारियों और अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण सत्र के दौरान भी कई व्यवस्थागत चुनौतियां सामने आ रही हैं। सरकार की ओर से गैरसैंण को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। हालांकि यह माना जा रहा है कि इस योजना को धरातल पर उतरने में अभी काफी समय लगेगाफिलहाल विधानसभा सत्र के लिए पूरी सरकार और प्रशासन भराड़ीसैंण में मौजूद है। सभी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी सत्र में भाग ले रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सदन के भीतर जहां जनहित के मुद्दों पर चर्चा जारी है, वहीं सदन के बाहर भी लोगों के बीच यह चर्चा है कि बजट सत्र कब तक चलेगा और गैरसैंण के विकास को लेकर सरकार आगे क्या कदम उठाएगी।