सीएम धामी बोले-गैरसैंण को हमने हृदय में बसाया हैं, विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार सदन से चर्चा से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो विधानसभा सत्र की अवधि भी बढ़ाई जा सकती है, ताकि सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके। बुधवार को राज्यपाल अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि सरकार सदन चलाने से बचना चाहती है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में भराड़ीसैंण में सबसे अधिक विधानसभा सत्र आयोजित किए गए हैं और भविष्य में इसकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल सत्र शुक्रवार तक निर्धारित है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो शनिवार को भी सत्र चलाया जा सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि रविवार को अवकाश रखकर सोमवार को फिर से सदन की कार्यवाही जारी रखी जा सकती है। उनका कहना था कि विपक्ष जितनी चर्चा करना चाहता है, सरकार उसके लिए पूरी तरह तैयार है।
सीएम धामी ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब दिया जाएगा। हमने कोई गलत काम नहीं किया है और हम हर विषय पर पारदर्शिता के साथ चर्चा करने को तैयार हैं।” मुख्यमंत्री ने गैरसैंण के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि यह स्थान पहाड़ की उम्मीद और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गैरसैंण को केवल सत्र स्थल तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि यहां कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन भी कराया गया है। धामी ने कहा कि राज्य सरकार गैरसैंण के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसे भविष्य में और अधिक विकसित करने की दिशा में काम जारी है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को राज्य की पहचान और पहाड़ की भावनाओं से जुड़ा केंद्र मानते हुए सरकार इसे विशेष महत्व दे रही है। सदन में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सत्र की अवधि बढ़ने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि यदि विपक्ष की ओर से अधिक मुद्दे उठाए जाते हैं तो सरकार चर्चा के लिए अतिरिक्त समय देने को तैयार रह सकती है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल रही है, वहीं मुख्यमंत्री के बयान से संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में सदन में और भी विस्तृत चर्चा हो सकती है।