मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान! 5 दिन तक ईरान के पावर प्लांट्स पर नहीं होगा हमला, होर्मुज संकट से वैश्विक तेल बाजार में मची भारी उथल-पुथल
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एक राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका 5 दिन तक ईरान के पावर प्लांट्स और बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाएगा। उन्होंने यह दावा भी किया है कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक रही है। हालांकि ईरान की फार्स न्यूज ने सूत्रों के हवाले से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बातचीत के दावों को खारिज किया है। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि ईरानी पावर प्लांटों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ किसी भी और सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों की अवधि के लिए टाल दिया जाए। यह निर्णय जारी बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे के अंदर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलेगा तो अमेरिका-इजरायल, ईरान के पावर प्लांट्स समेत बुनियादी ढांचों को निशाना बनाएंगे। ईरान ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि ईरान ने कहा था कि अगर अमेरिका उसके पावर नेटवर्क को निशाना बनाता है, तो वह इज़राइल के पावर प्लांटों और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को बिजली सप्लाई करने वाले प्लांटों पर हमला करेगा।
वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल
ईरान और ओमान के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही रोक दी थी, जिससे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति में बड़ा व्यवधान देखने को मिला है। ईरान के इस कदम से तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई, ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता फैल गई। संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतें कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।