उत्तराखण्डः रुड़की में रविदास शोभायात्रा के भंडारे में खूनी संघर्ष! दो गुटों की फायरिंग में युवक की मौत, देर रात खेत से दूसरी लाश मिलने से सनसनी
रुड़की। उत्तराखण्ड के रुड़की में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब रविदास शोभायात्रा के भंडारा कार्यक्रम के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत फायरिंग तक पहुंच गयी। इस दौरान गोली लगने से 28 वर्षीय आनंद की मौत हो गई। वहीं देर रात दूसरे पक्ष के 45 वर्षीय मांगेराम की लाश भी मिली। उसके शरीर पर पीटने के निशान हैं। तीन अन्य विकास, योगेंद्र और गगन घायल हो गए। वारदात के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात है।
जानकारी के अनुसार भगवानपुर के बिनारसी गांव में रविवार को रविदास शोभायात्रा निकाली गई, जिसका मंदिर में समापन हुआ। इसके बाद मंदिर परिसर के समीप भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। इसके लिए शाम पांच बजे वहां पर काफी भीड़ इकट्ठा थी। तभी युवकों के दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हो गई। इस बीच दोनों गुट के युवकों में गोलियां चल गईं। जिससे पहले पक्ष के आनंद निवासी बिनारसी के सीने में लगी और माैके पर ही मौत हो गई। वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव लेने की कोशिश की तो पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया और सड़क पर ही शव रखकर धरना शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को देर शाम पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। वहीं छर्रे लगने से घायल विकास, गगन और योगेंद्र को सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। देर रात गांव में ही खेत में दूसरे पक्ष के मांगेराम की लाश मिली है। पीट-पीटकर उसकी हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इधर गांव में तनाव के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस दौरान झबरेड़ा, रुड़की, कलियर, भगवानपुर समेत अन्य थाने और कोतवाली की पुलिस ने घटनास्थल, गांव के मुख्य चौक चौराहे के अलावा पीड़ित परिवार के घर के आसपास डेरा डाल लिया है।