उत्तराखण्डः रुद्रप्रयाग जवाड़ी बाईपास में कई जगहों पर भू-धंसाव! अकलनंदा नदी से हो रहा कटाव, मुश्किलें बढ़ीं

रुद्रप्रयाग। जनपद में हो रही झमाझम बारिश और इसके बाद निकल रही तेज धूप से अब सड़कों पर इसका असर दिखने लगा है। रुद्रप्रयाग-जवाड़ी बाईपास में कई जगहों पर भू-धंसाव हो रहा है, जिससे लगातार मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जबकि केदारनाथ हाईवे भी सेमी के पास खतरा पैदा कर रहा है। यहां नदी से लगातार कटाव जारी है। मुख्यालय स्थित जवाड़ी बाईपास के मध्य स्थल पर लगातार भू-धंसाव हो रहा है। बीते दिनों पहाड़ी से मलबा आने के कारण मार्ग तीन दिनों तक बंद रहा, जबकि पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित जवाड़ी नेचर पार्क के करीब हाईवे पर धंसाव हो रहा है। सड़क पर अलग-अलग स्थानों पर हो रहे धंसाव से लगातार मुश्किलें बढ़ रही हैं। इस सड़क पर पूर्व में भी कई बार धंसाव हुआ, मगर स्थाई ट्रीटमेंट आज तक नहीं हो सका है। एक ओर नदी किनारे से पहाड़ी पर कटाव जारी है, तो वहीं दूसरी ओर दरकती पहाड़ी में रोकथाम के पुख्ता इंतजाम न होने से यहां लगातार सड़क सिंक हो रही है। जवाड़ी बाईपास रुद्रप्रयाग नगर का एकमात्र बाईपास है, जिससे बड़ी संख्या में वाहनों का संचालन किया जाता है। यदि बाईपास का जल्द बेहतर ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इस राजमार्ग से तीर्थयात्री केदारनाथ धाम के लिए निकलते हैं। यहां पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। इसके अलावा राजमार्ग के जवाड़ी क्षेत्र को जाने वाले मार्ग से कुछ दूरी पर पहाड़ी से हजारों टन मलबा गिरा हुआ है। इस मलबे के कारण राजमार्ग संकरा हो गया है और आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर एनएच लोनिवि के ईई ओंकार पांडेय ने बताया कि सेमी में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य किया जा रहा है, जबकि जवाड़ी बाईपास पर भी स्थिति का निरीक्षण करते हुए ट्रीटमेंट की कार्यवाही की जाएगी।